खबर digital न्यूज़ रिपोर्टर /कटनी/रीठी— कटनी जिले की रीठी जनपद अंतर्गत ग्राम बड़ागांव में श्मशान भूमि को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की है कि वर्षों से सार्वजनिक उपयोग में रही कथित शासकीय भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में निजी नाम पर दर्ज कर दिया गया, जिसके बाद अब उस पर निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है।शिकायत के अनुसार खसरा नंबर 1045, रकबा 0.98 हेक्टेयर भूमि वर्ष 1988 के बंदोबस्त में शासकीय मद में दर्ज थी, लेकिन वर्ष 2001-02 में एक राजस्व आदेश के आधार पर निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज हो गई। ग्राम पंचायत ने इस आदेश को निरस्त कर भूमि को पुनः शासकीय रिकॉर्ड में दर्ज करने की मांग की है।ग्रामीणों का आरोप है कि कथित श्मशान भूमि पर जेसीबी से खुदाई कर बाउंड्रीवॉल बनाई जा रही है। शिकायत में दावा किया गया है कि खुदाई के दौरान नरकंकाल भी निकल रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य नहीं रोका गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो गांव की श्मशान भूमि पूरी तरह समाप्त होने का खतरा है।शिकायतकर्ताओं ने पुराने और नए खसरा नंबरों की जांच, कथित रजिस्ट्री दस्तावेजों की वैधानिक जांच, निर्माण कार्य पर तत्काल रोक तथा पूरे मामले की निष्पक्ष राजस्व जांच की मांग की है। आवेदन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी शामिल हैं।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि भूमि वास्तव में शासकीय और सार्वजनिक उपयोग की थी, तो वह निजी नाम पर कैसे दर्ज हुई? क्या राजस्व प्रक्रिया में कोई गंभीर अनियमितता हुई, या फिर रिकॉर्ड में बदलाव नियमों के तहत किया गया? इन सवालों के जवाब प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएंगे।फिलहाल यह सभी आरोप शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए हैं। मामले की जांच और अंतिम निर्णय संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किया जाना शेष है।
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