खबर digital news रिपोर्टर /कटनी— जिले के माधव नगर थाने की पीछे स्थित बहुचर्चित लेटराइट-बॉक्साइट खदान विवाद ने अब बड़ा कानूनी मोड़ ले लिया है। पुलिस जांच के बाद खनन कारोबार से जुड़े एक मामले में 9 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) एवं 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि करोड़ों रुपये के लेन-देन, खदान संचालन के लिए किए गए भारी निवेश और वर्षों की सरकारी प्रक्रिया पूरी कराने के बावजूद कथित रूप से विश्वासघात, धोखाधड़ी और धमकी देकर करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।पुलिस के अनुसार, क्वांटम मिनरल्स के प्रबंधक संजीव बोहरे द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायत पत्रों की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है।शिकायत के अनुसार, वर्ष 2018 में इस्माईल एंड सन्स के साझेदारों ने अपनी लेटराइट एवं बॉक्साइट खदानों का संचालन क्वांटम मिनरल्स को सौंपने के लिए अनुबंध किया था। आरोप है कि खदान को पुनः प्रारंभ कराने के लिए क्वांटम मिनरल्स ने सरकारी विभागों में लाखों रुपये जमा किए, विभिन्न व्यक्तियों के खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर किए तथा खनन स्वीकृतियों की प्रक्रिया पूरी कराने में भारी निवेश किया।शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी बीच वर्ष 2021 में कथित रूप से पूर्व अनुबंध की अनदेखी करते हुए उसी खदान की पावर ऑफ अटॉर्नी किसी अन्य कंपनी के पक्ष में कर दी गई। बाद में यह पावर ऑफ अटॉर्नी निरस्त कराने के लिए भी कथित तौर पर करोड़ों रुपये की मांग की गई। शिकायत में दावा किया गया है कि इसके बाद दोबारा समझौता हुआ और वर्ष 2023 में इस्माईल एंड सन्स के बैंक खाते में लगभग 1.50 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके अतिरिक्त अन्य संबंधित व्यक्तियों के खातों में भी लाखों रुपये जमा कराए गए।शिकायत में यह भी कहा गया है कि पर्यावरणीय स्वीकृतियों, सरकारी औपचारिकताओं और खदान संचालन शुरू कराने में क्वांटम मिनरल्स ने कुल मिलाकर लगभग ढाई करोड़ रुपये खर्च किए। अगस्त 2025 में खदान का संचालन प्रारंभ हुआ, लेकिन कुछ समय बाद विवाद फिर गहरा गया।आरोप है कि खदान से लगभग 36 लाख रुपये मूल्य के खनिज का कथित रूप से अवैध उत्खनन एवं विक्रय किया गया। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं, गाली-गलौज की गई और यह कहा गया कि “शासन-प्रशासन हमारी जेब में है।”शिकायत के अनुसार, बाद में खनिज विभाग में शपथपत्र प्रस्तुत कर खदान बंद कराने की कार्रवाई कराई गई, जिससे क्वांटम मिनरल्स को करीब 4 से 5 करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति होने का दावा किया गया है। पुलिस जांच के बाद इन्हीं आरोपों के आधार पर संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है।इस मामले में पुलिस ने जिन लोगों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है, उनमें आदिल अहमद, हुज्जू, ओमप्रकाश पाठक, नानू मिश्रा, अमन मिश्रा, अलाउद्दीन, सरफराज अहमद, शबनम अहमद तथा तनवीर खान के नाम शामिल हैं।फिलहाल पुलिस पूरे वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों, अनुबंधों, पावर ऑफ अटॉर्नी, खनिज विभाग में प्रस्तुत दस्तावेजों और कथित आर्थिक नुकसान की विस्तृत जांच कर रही है। जांच के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कटनी से खबर डिजिटल संवाददाता सौरभ श्रीवास्तव mo9131308097
