Monday, November 2, 2026
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विंध्य की किस्मत बदलने वाली सुरंग तैयार, आज स्लीमनाबाद पहुंचेंगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

खबर digital news रिपोर्टर /कटनी मध्यप्रदेश के सिंचाई इतिहास की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल स्लीमनाबाद जल-सुरंग अब पूर्णता की दहलीज पर खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को कटनी जिले के स्लीमनाबाद पहुंचकर देश की सबसे लंबी 11.952 किलोमीटर जल-सुरंग का निरीक्षण करेंगे। विंध्य पर्वतमाला के भीतर निर्मित यह सुरंग नर्मदा के जल को प्राकृतिक गुरुत्वाकर्षण (ग्रेविटी फ्लो) के माध्यम से सोन नदी के कछार तक पहुंचाएगी, जिससे विंध्य और महाकौशल क्षेत्र की कृषि व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव आने की उम्मीद है।करीब 17 वर्षों की कठिन भू-गर्भीय चुनौतियों, भारी जल रिसाव और कठोर चट्टानों से जूझने के बाद यह महत्वाकांक्षी परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंची है। आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों और विशेष निर्माण पद्धतियों की मदद से इस जटिल कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।1450 गांवों की बदलेगी तस्वीरसुरंग शुरू होने के बाद कटनी, जबलपुर, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना जिले के लगभग 1450 गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे वर्षों से वर्षा पर निर्भर खेती करने वाले किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और क्षेत्र में कृषि उत्पादन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।बिना बिजली के बहेगा नर्मदा का जलकरीब 10.14 मीटर व्यास वाली इस सुरंग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें नर्मदा का जल बिना किसी पंप या बिजली के केवल प्राकृतिक ढाल (ग्रेविटी फ्लो) के माध्यम से प्रवाहित होगा। इसे देश की जल संसाधन इंजीनियरिंग की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना जा रहा है।तकनीकी चुनौतियों के बीच बनी मिसालनिर्माण के दौरान सुरंग के भीतर लगातार जल रिसाव, मार्बल एवं लाइमस्टोन की कठोर चट्टानें, विशाल भूमिगत गुफाएं और अस्थिर भू-भाग जैसी अनेक चुनौतियां सामने आईं। इसके बावजूद अत्याधुनिक मशीनों और विशेष ग्राउटिंग तकनीक के जरिए परियोजना को सुरक्षित ढंग से अंतिम रूप दिया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे लाइन के नीचे से गुजरने के बावजूद कहीं भी संरचनात्मक नुकसान नहीं हुआ।1610 करोड़ रुपये से अधिक की लागतवर्ष 2008 में शुरू हुई इस परियोजना की प्रारंभिक लागत 799 करोड़ रुपये थी, जो तकनीकी बदलावों, अतिरिक्त सुरक्षा कार्यों और निर्माण अवधि बढ़ने के कारण बढ़कर लगभग 1610.47 करोड़ रुपये हो गई। वर्तमान में परियोजना का 96.66 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है और मुख्य सुरंग का निर्माण लगभग समाप्त हो गया है।मुख्यमंत्री करेंगे प्रगति की समीक्षामुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने दौरे के दौरान निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति की समीक्षा करेंगे। अधिकारियों के अनुसार वितरण तंत्र का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है और चरणबद्ध तरीके से सिंचाई क्षमता बढ़ाई जा रही है।फैक्ट फाइलपरियोजना: स्लीमनाबाद जल-सुरंगलंबाई: 11.952 किलोमीटरव्यास: 10.14 मीटरनिर्माण प्रारंभ: वर्ष 2008अनुमानित लागत: ₹1610.47 करोड़लाभान्वित जिले: कटनी, जबलपुर, मैहर, सतना, रीवा और पन्नालाभान्वित गांव: लगभग 1450सिंचित क्षेत्र: 2.45 लाख हेक्टेयरविशेषता: देश की सबसे लंबी जल-सुरंग, ग्रेविटी फ्लो आधारित जल परिवहन

CM Mohan Yadav to Inspect India’s Longest Sleemanabad Water Tunnel; Vindhya Irrigation Mega Project Nears Completion

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