खबर डिजिटल न्यूज़ रिपोर्टर / कटनी— प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को पक्का मकान दिलाने की मंशा पर तकनीकी खामियां भारी पड़ती नजर आ रही हैं। जनपद पंचायत कटनी की ग्राम पंचायत जरवाही में आवास प्लस सर्वे-2024 की संयुक्त जांच के दौरान चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सर्वे में नाम दर्ज होने के बावजूद एआई (AI) आधारित सत्यापन और चेकर अधिकारी की जांच में तकनीकी त्रुटियों के कारण कई पात्र हितग्राही अपात्र घोषित हो गए।शिकायतों की जांच बीसी आवास योजना बलराम दाहिया एवं सहायक विकास विस्तार अधिकारी आशीष गौड़ ने ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं की मौजूदगी में की। जांच में ग्रामीणों ने बताया कि वास्तविक पात्र परिवार केवल तकनीकी खामियों की वजह से प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या केवल जरवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि जनपद पंचायत कटनी की कई ग्राम पंचायतों में भी इसी तरह की गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के माध्यम से मांग उठाई है कि आवास प्लस सर्वे-2024 का पोर्टल/ऐप कम से कम एक सप्ताह के लिए दोबारा खोला जाए, ताकि त्रुटियों का सुधार कर पात्र हितग्राहियों का पुनः सत्यापन किया जा सके।ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते तकनीकी त्रुटियों का समाधान नहीं किया गया, तो अनेक जरूरतमंद परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने शासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने की मांग
