खबर डिजिटल न्यूज़ रिपोर्टर /कटनी– कटनी में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को लेकर विधानसभा में जोरदार बहस देखने को मिली। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक एवं पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से कटनी में पीपीपी (PPP) मॉडल पर बनाए जा रहे मेडिकल कॉलेज का मुद्दा सदन में उठाते हुए सरकार से कई तीखे सवाल किए।घनघोरिया ने आरकेडीएफ समूह से जुड़ी स्वामी विवेकानंद फाउंडेशन के साथ हुए अनुबंध पर सवाल खड़े करते हुए पूछा कि क्या इस संस्था से संबद्ध कंपनियों के विरुद्ध फर्जी मार्कशीट मामलों में एसटीएफ द्वारा प्रकरण दर्ज किए गए हैं तथा क्या सरकार ऐसे मामलों के मद्देनजर अनुबंध निरस्त करने पर विचार कर रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि कटनी की जनता की मांग शासकीय मेडिकल कॉलेज की रही है, फिर पीपीपी मॉडल क्यों लागू किया गया।सदन में दिए जवाब में उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में संस्था के विरुद्ध एसटीएफ में कोई जांच लंबित नहीं है। उन्होंने कहा कि निजी मेडिकल कॉलेज भी आम जनता को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं, इसलिए यह आशंका उचित नहीं कि पीपीपी मॉडल का मेडिकल कॉलेज जनता के हितों की अनदेखी करेगा। सरकार ने यह भी कहा कि वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से पीपीपी मॉडल अपनाया गया है और शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलने पर फिलहाल कोई विचार नहीं है। निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो चुका है तथा सरकार के अनुसार इस मुद्दे को लेकर जनता में किसी प्रकार का व्यापक आक्रोश नहीं है।सरकार के जवाब पर कांग्रेस नेता दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे कटनी की जनता की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से विभिन्न सामाजिक संगठनों, कांग्रेस और एनएसयूआई द्वारा शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर आंदोलन किए गए, लेकिन सरकार ने जनता की भावनाओं की अनदेखी की है।दिव्यांशु मिश्रा ने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने शासकीय मेडिकल कॉलेज का वादा किया था, लेकिन अब सरकार स्वयं सदन में कह रही है कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि संबंधित संस्था पर कोई संदेह नहीं था तो मुख्यमंत्री का प्रस्तावित भूमिपूजन कार्यक्रम आखिर क्यों निरस्त किया गया।कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि कटनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर उसका विरोध और आंदोलन आगे भी जारी रहेगा तथा छात्रहित और जनहित के इस मुद्दे को लगातार उठाया जाएगा।
कटनी मेडिकल कॉलेज पर विधानसभा में गरमाई सियासत, सरकार बोली– शासकीय मेडिकल कॉलेज का कोई प्रस्ताव नहीं
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