भोपाल। मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने री-जॉइनिंग प्रक्रिया को लेकर नया आदेश जारी किया है। इसके तहत इस बार अतिथि शिक्षकों की री-जॉइनिंग 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता से प्रभावित नहीं होगी। सभी पात्र अतिथि शिक्षकों को 27 जुलाई तक री-जॉइनिंग पूरी करनी होगी।
90% ई-अटेंडेंस पूरी नहीं होने पर भी मिलेगा मौका
नए आदेश के अनुसार, जिन अतिथि शिक्षकों की ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम रही है, वे भी इस बार री-जॉइनिंग कर सकेंगे। इससे उन शिक्षकों को राहत मिलेगी, जो तकनीकी दिक्कतों या अन्य कारणों से निर्धारित ई-अटेंडेंस का मानक पूरा नहीं कर पाए थे।

री-जॉइनिंग के समय देना होगा लिखित वचन
लोक शिक्षा आयुक्त अभिषेक सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि री-जॉइनिंग के दौरान सभी अतिथि शिक्षकों से ई-अटेंडेंस नियमित रूप से लगाने का लिखित वचन लिया जाए। इसका उद्देश्य अगले सत्र में ई-अटेंडेंस व्यवस्था को पूरी तरह लागू करना है।
अगले शैक्षणिक सत्र से नियम सख्ती से लागू होगा
DPI ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के बाद री-जॉइनिंग की प्रक्रिया 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस के आधार पर ही होगी। अगले सत्र से इस नियम में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। इसलिए अतिथि शिक्षकों को नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज करानी होगी।
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