सिवनी/विशाल भारद्वाज/ मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार जिले में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशिक्षित बचाव दल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित 7 दिवसीय “आपदा मित्र” प्रशिक्षण का प्रथम चरण केवलारी में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण 21 जुलाई से 27 जुलाई 2026 तक माँ नर्मदा पैलेस परिसर, केवलारी में आयोजित किया गया।
जिले में कुल 500 आपदा मित्रों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी लक्ष्य की पूर्ति के लिए प्रथम प्रशिक्षण सत्र में 135 आपदा मित्रों ने सहभागिता करते हुए आपदा प्रबंधन एवं बचाव कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
समापन समारोह में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) श्री आशीष भराडे एवं तहसीलदार केवलारी श्री शशांक मैश्राम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में श्री एस.आर. आज़मी द्वारा प्रशिक्षण संबंधी प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। मुख्य अतिथियों ने सभी प्रशिक्षित आपदा मित्रों के सेवा भाव, समर्पण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की सराहना करते हुए उन्हें समाज का सच्चा रक्षक बताया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित स्वयंसेवक किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सात दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं नियमों की जानकारी, भूकंप से पूर्व, दौरान एवं बाद में अपनाई जाने वाली सावधानियाँ, बाढ़, सूखा, आकाशीय बिजली, आग एवं अग्निशमन के उपाय, प्राथमिक उपचार, घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुँचाने की तकनीक, न्यूक्लियर एवं केमिकल आपदाओं से बचाव, सीपीआर (CPR), अत्यधिक रक्तस्राव रोकने की विधि, घावों पर खपच्ची बांधने की तकनीक, रस्सी के माध्यम से विभिन्न प्रकार की गांठ एवं हिच बांधने का अभ्यास, सर्पदंश तथा जंगली एवं पालतू जानवरों के काटने की स्थिति में प्राथमिक उपचार एवं बचाव संबंधी विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न आपदा परिदृश्यों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया, जिससे वे वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी ढंग से राहत एवं बचाव कार्य कर सकें।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी 135 प्रशिक्षित आपदा मित्रों को मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई गई “आपदा मित्र किट” वितरित की गई। अधिकारियों ने आशा व्यक्त की कि प्रशिक्षित आपदा मित्र भविष्य में प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान प्रशासन के सहयोगी के रूप में जन-धन की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
