Tuesday, November 3, 2026
Homeमध्यप्रदेशHealth Alert: पेट की चर्बी बन सकती है जानलेवा, सरकार ने बदला...

Health Alert: पेट की चर्बी बन सकती है जानलेवा, सरकार ने बदला मोटापा जांचने का तरीका, होगी नई हेल्थ स्क्रीनिंग

देश में बढ़ते मोटापे और उससे जुड़ी गंभीर बीमारियों को देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है. अब सरकारी अस्पतालों में केवल वजन और बीएमआई (BMI) के आधार पर स्वास्थ्य का आकलन नहीं किया जाएगा. इसके बजाय कमर और कूल्हे के अनुपात (Waist-Hip Ratio) पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. इस नई व्यवस्था का उद्देश्य उन लोगों की पहचान करना है, जो बाहर से सामान्य दिखते हैं लेकिन उनके पेट के अंदर खतरनाक चर्बी जमा होती है.

विशेषज्ञों का मानना है कि यही अंदरूनी चर्बी आगे चलकर कई गंभीर बीमारियों की वजह बनती है. इसलिए समय रहते इसकी पहचान कर लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है.

पेट की अंदरूनी चर्बी सबसे बड़ा खतरा

चिकित्सकों के अनुसार पेट के अंदर जमा होने वाली विसरल फैट शरीर के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक होती है. यह धीरे-धीरे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित करती है और टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लिवर और हृदय रोग जैसी गंभीर समस्याओं का जोखिम बढ़ा देती है. कई बार व्यक्ति का वजन सामान्य होता है, लेकिन पेट की अतिरिक्त चर्बी उसे गंभीर बीमारी की ओर धकेल सकती है.

आशा कार्यकर्ता घर-घर करेंगी जांच और जागरूकता

नई योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग आशा कार्यकर्ताओं को विशेष मेजरिंग टेप और डिजिटल रिकॉर्डिंग सिस्टम उपलब्ध कराएगा. ये कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों की कमर और कूल्हे का अनुपात मापेंगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें खान-पान और जीवनशैली में बदलाव की सलाह देंगी. साथ ही लोगों को जंक फूड से दूरी बनाने, नियमित व्यायाम करने और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा.

मध्य प्रदेश में मोटापे की बढ़ती चिंता

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे (NFHS-5) के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है. 15 से 49 वर्ष की बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष पेट के मोटापे से प्रभावित हैं. वहीं बच्चों और किशोरों में भी जंक फूड, मोबाइल और स्क्रीन टाइम बढ़ने के कारण मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है. विशेषज्ञ इसे आने वाले समय की बड़ी स्वास्थ्य चुनौती मान रहे हैं.

जीवनशैली में बदलाव से हो सकता है बचाव

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पेट की चर्बी कम करने के लिए सबसे पहले खान-पान में सुधार जरूरी है. चीनी, जंक फूड और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करना चाहिए. इसके साथ ही प्रोटीन और फाइबर युक्त भोजन को प्राथमिकता दें. रोजाना कम से कम 30 से 45 मिनट तक व्यायाम करें, पर्याप्त नींद लें और दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं.

इन बीमारियों का बढ़ जाता है खतरा

डॉक्टरों के अनुसार पेट पर अधिक चर्बी जमा होने से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ सकता है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा पैदा होता है. महिलाओं में पीसीओडी और प्रजनन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं. इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, फैटी लिवर, हाइपोथायरायडिज्म और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं. ऐसे में केवल वजन पर ध्यान देने के बजाय कमर की चर्बी की नियमित जांच भी स्वस्थ जीवन के लिए बेहद जरूरी मानी जा रही है.

सम्बंधित ख़बरें

लेटेस्ट