Tuesday, November 3, 2026
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Congress Politics: कांग्रेस में बढ़ी कलह! पूर्व विधायक ने अपने ही प्रत्याशी पर उठाए सवाल, बोले- मेरी मेहनत का फायदा दूसरे उठा रहे

दतिया विधानसभा उपचुनाव के बाद अब कांग्रेस के भीतर भी अंदरूनी बयानबाजी खुलकर सामने आने लगी है. मतदान समाप्त होने के बाद पार्टी के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती का एक बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की राजनीतिक ताकत और जनाधार को लेकर सवाल उठाते हुए दावा किया कि क्षेत्र में कांग्रेस की मजबूत स्थिति उनकी वर्षों की मेहनत का नतीजा है.

‘मेरी मेहनत का फायदा दूसरे उठा रहे हैं’

राजेंद्र भारती ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक दतिया क्षेत्र में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया. गांव-गांव जाकर कार्यकर्ताओं को जोड़ा और जनता के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत बनाई. उनके मुताबिक आज जो माहौल कांग्रेस के पक्ष में दिखाई दे रहा है, वह किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि वर्षों की मेहनत का परिणाम है. उन्होंने यह भी कहा कि अब उसी राजनीतिक जमीन का लाभ दूसरे नेता उठा रहे हैं.

घनश्याम सिंह की राजनीतिक ताकत पर उठाए सवाल

पूर्व विधायक ने अपने बयान में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह की चुनावी क्षमता पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि यदि घनश्याम सिंह क्षेत्र के इतने प्रभावशाली और मजबूत नेता होते, तो उन्हें पिछले चुनावों में हार का सामना नहीं करना पड़ता. उनके इस बयान को कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर असंतोष से जोड़कर देखा जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के तुरंत बाद इस तरह के बयान पार्टी के अंदर मौजूद मतभेदों की ओर इशारा करते हैं.

कांग्रेस की ओर से नहीं आई आधिकारिक प्रतिक्रिया

हालांकि राजेंद्र भारती के बयान पर अब तक कांग्रेस संगठन की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है. पार्टी नेतृत्व ने भी इस मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. ऐसे में यह साफ नहीं है कि संगठन इस बयान को व्यक्तिगत राय मानता है या इस पर आगे कोई कार्रवाई की जाएगी.

चुनाव परिणाम पर टिकी सबकी नजर

दतिया उपचुनाव को लेकर पहले ही राजनीतिक माहौल काफी गर्म रहा है. मतदान के बाद नेताओं के लगातार आ रहे बयानों ने सियासी हलचल और बढ़ा दी है. अब सभी की निगाहें मतगणना और चुनाव परिणाम पर टिकी हैं. नतीजे आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जनता ने किस उम्मीदवार पर भरोसा जताया और किसके दावों को समर्थन मिला. फिलहाल पूर्व विधायक के बयान ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है.

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