Wednesday, November 4, 2026
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दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजे के सियासी मायने… इनकी राजनीति पर सीधा असर!

समीक्षा मोड में सीएम डॉ. मोहन यादव

भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ दतिया उपचुनाव के नतीजे आ चुके हैं, कांग्रेस के कुंवर घनश्याम सिंह ने बीजेपी के आशुतोष तिवारी को 6 हजार 28 वोटों से हरा दिया। ये सीट पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की मानी जाती थी, जोकि साल 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती से हार गए थे। उसके बाद कोर्ट के निर्णय का पालन करते हुए, चुनाव आयोग ने दतिया में विधानसभा का उपचुनाव कराया। उपचुनाव में बीजेपी ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया, तो उनके समर्थकों ने जमकर बवाल मचाया, अंत में पार्टी आलाकमान के आग्रह पर डॉ. मिश्रा बीजेपी प्रत्याशी के प्रचार में जुट गए, लेकिन चुनाव परिणामों में कांग्रेस की जीत ने उनके राजनीतिक भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सीएम डॉ. मोहन यादव को भी करना होगी समीक्षा
दतिया विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव को बेहद ही मंथन के दौर से गुजरना होगा। मजबूत संगठन होने के बाद भी सत्ताधारी दल को हार का मुंह क्यों देखना पड़ा? इस सवाल का जवाब ढूंढना होगा, क्योंकि उनके कार्यकाल में ही उनकी सरकार के एक मंत्री रामनिवास रावत भी विजयपुर से चुनाव हो हार गए। जिसके चलते भी पार्टी की काफी किरकिरी हुई थी। लाड़ली बहना योजना का असर भी दतिया उपचुनाव में देखने को नहीं मिला है, उस पर भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विचार करना पड़ेगा। आने वाले वक्त में युवाओं के आक्रोश को किस तरह कम किया जाए, उसके बारे में भी मोहन सरकार किसी प्लान पर काम कर सकती है।

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पीसीसी चीफ जीतू पटवारी का बढ़ा कद
दतिया विधानसभा उपचुनाव में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने पूरी ताकत झोंक दी थी, वो रात-दिन एक-एक बूथ पर जाने के प्रयास में लगे रहे। उनकी सोशल मीडिया टीम लगातार उनके दौरे और बयानों को जनता से साझा कर रही थी। पटवारी ने भी अपनी किसान वाली छवि को पूरे चुनाव में जमकर भुनाया, उसी का नतीजा रहा है कि ग्रामीण इलाके में कांग्रेस को खुलकर समर्थन मिला। दतिया का रण जीतने के लिए उन्होंने जिस तरह मेहनत की है इससे पहले किसी उपचुनाव में किसी प्रदेश अध्यक्ष ने नहीं की। इस बात को सियासी जानकार अब खुलकर बोल रहे हैं। इसीलिये माना जा रहा है कि दिल्ली दरबार में उनकी पैठ और भी मजबूत होने वाली है।

नरोत्तम का टिकट कटा, राजेंद्र भारती कांग्रेस से आउट
दतिया के सियासी रण में कई दिलचस्प मोड़ देखने को मिले, सबसे पहले पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर बीजेपी ने अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार ली, क्योंकि हारी हुई सीट को बीजेपी उसी चेहरे के दम पर जीत सकती थी। मीडिया रिपोर्टस में भी साफ दिखाई दे रहा था कि आशुतोष तिवारी जैसे अनजान चेहरे को उतारकर बीजेपी ओवर कॉन्फिडेंस में थी। हालांकि इन सबसे इतर राजेंद्र भारती को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। एक तरफ से विधायकी गई, दूसरी तरफ पार्टी से गद्दारी का दाग लेकर उनके चुनाव परिणामों के एक दिन पहले कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया है, जोकि उनके आगामी राजनीतिक भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लगाने के लिए काफी है। कुल मिलाकर आने वाले वक्त में दतिया की जंग और भी दिलचस्प होने वाली है।

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