भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक पुनर्गठन के बीच दतिया के वरिष्ठ नेता अवधेश नायक को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी का प्रदेश महासचिव नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी की सहमति के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा जारी आदेश के माध्यम से की गई है। दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद पार्टी ने अपने सभी विभागों एवं प्रकोष्ठों की कार्यकारिणियों को भंग कर संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू की थी। ऐसे में अवधेश नायक की नियुक्ति को नए संगठन की पहली महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल माना जा रहा है।
टिकट के दावेदार थे अवधेश नायक
दतिया उपचुनाव में अवधेश नायक भी कांग्रेस टिकट के प्रमुख दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने अंतिम समय में दतिया राजघराने के घनश्याम सिंह पर भरोसा जताया। घनश्याम सिंह चुनाव जीतने में सफल रहे। टिकट नहीं मिलने के बाद अवधेश नायक के भाजपा में जाने की चर्चाएं भी राजनीतिक गलियारों में तेज हो गई थीं। बताया जाता है कि उनकी भाजपा नेताओं से बातचीत भी हुई थी, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें पार्टी में बनाए रखा। इसके बाद उन्होंने पूरी सक्रियता के साथ कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में चुनाव प्रचार किया। अब उनकी संगठन में हुई नियुक्ति को पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और धैर्य का सम्मान माना जा रहा है।
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भाजपा से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
अवधेश नायक का राजनीतिक जीवन भारतीय जनता पार्टी से शुरू हुआ था। वर्ष 1993 में वे भाजपा से सक्रिय राजनीति में आए और उससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से जुड़े रहे। दतिया नगर पालिका में पार्षद रहने के साथ उन्होंने विधानसभा चुनाव भी लड़ा, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली। बाद में जब उमा भारती ने भारतीय जनशक्ति पार्टी का गठन किया तो अवधेश नायक उनके साथ जुड़ गए। कुछ समय बाद वे दोबारा भाजपा में लौट आए। राजनीतिक जानकारों के अनुसार भाजपा में रहते हुए तत्कालीन नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा के साथ उनके संबंध कभी सहज नहीं रहे। इसी पृष्ठभूमि में उन्होंने वर्ष 2023 में कांग्रेस का दामन थाम लिया। कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्हें शुरुआती दौर में विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया था, लेकिन बाद में पार्टी ने टिकट बदलते हुए राजेंद्र भारती को मैदान में उतारा। राजेंद्र भारती ने उस चुनाव में डॉ. नरोत्तम मिश्रा को पराजित कर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया था। अब प्रदेश महासचिव के रूप में अवधेश नायक की नियुक्ति को कांग्रेस संगठन में उनके बढ़ते राजनीतिक महत्व और भविष्य की भूमिका के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
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