देशभर में खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन इस बार गेहूं के आटे को लेकर जो खुलासा हुआ है, उसने हर किसी को हैरान कर दिया है. जांच में सामने आया है कि कुछ मिल संचालक मुनाफा कमाने के लिए गेहूं के साथ सेलखड़ी यानी पत्थर के मुलायम चूरे को भी पीस रहे हैं और उसी आटे को बाजार में बेच रहे हैं. यह मिलावटी आटा सीधे लोगों की रसोई तक पहुंच रहा है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है.
फिरोजाबाद में छापे के बाद प्रदेशभर में जांच तेज
फिरोजाबाद में एक आटा मिल पर कार्रवाई के दौरान खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने बड़ी मात्रा में सेलखड़ी बरामद की. जांच में पता चला कि इसका इस्तेमाल गेहूं के साथ पीसकर पैक्ड आटा तैयार करने में किया जा रहा था. इस खुलासे के बाद प्रदेशभर की आटा मिलों की निगरानी बढ़ा दी गई है. पिछले कुछ दिनों में कई जिलों की करीब 30 मिलों से 35 से अधिक नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं. रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले संचालकों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
क्यों मिलाई जाती है सेलखड़ी
अधिकारियों के अनुसार कुछ मिल संचालक खराब गुणवत्ता वाले गेहूं का उपयोग करते हैं. ऐसे गेहूं से तैयार आटा हल्का काला दिखाई देता है. इस कमी को छिपाने और आटे को ज्यादा सफेद व आकर्षक दिखाने के लिए उसमें सेलखड़ी मिलाई जाती है. शुरुआती पूछताछ में कई तरह के बहाने बनाए गए, लेकिन जांच के दौरान यह सामने आया कि इसका असली उद्देश्य आटे की गुणवत्ता छिपाना और ज्यादा मुनाफा कमाना है.
घर बैठे ऐसे करें मिलावट की पहचान
यदि आपको आटे की गुणवत्ता पर संदेह है तो कुछ आसान तरीके अपनाए जा सकते हैं. एक कटोरी आटे में नींबू की कुछ बूंदें डालें. अगर उसमें बुलबुले बनने लगें तो मिलावट की आशंका हो सकती है. इसके अलावा पानी से भरे गिलास में आटा डालकर मिलाएं. यदि आटा तुरंत नीचे बैठ जाए तो जांच करवाना बेहतर रहेगा. हथेली पर आटा रगड़ने पर भी उसकी बनावट से काफी हद तक अंदाजा लगाया जा सकता है. शुद्ध आटा सामान्य रूप से थोड़ा खुरदरा महसूस होता है, जबकि अत्यधिक चिकनाहट मिलावट का संकेत हो सकती है.
शिकायत के लिए विभाग ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी ब्रांड या आटा मिल के उत्पाद पर संदेह हो तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं. विभाग ने इसके लिए टोल फ्री नंबर 18001805533 और कार्यालय नंबर 0562-2970049 जारी किया है. शिकायत मिलने पर संबंधित उत्पाद की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
