खबर डिजिटल न्यूज़ रिपोर्टर /कटनी— किसानों की मेहनत और फसल से खिलवाड़ करने वाले बीज कारोबारियों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बहोरीबंद विकासखंड के ग्राम कौड़िया स्थित अग्रहरी कृषि केंद्र पर जांच में चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आने के बाद संचालक विवेक गुप्ता के खिलाफ स्लीमनाबाद थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।कृषि विभाग की जांच में खुलासा हुआ कि केंद्र से बेचे जा रहे धान बीज का अंकुरण प्रतिशत निर्धारित मानकों से कम पाया गया। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में बीज को अमानक (Substandard) घोषित किया गया, जिससे किसानों की फसल प्रभावित होने की आशंका जताई गई। इसके बाद संबंधित बीज स्कंध पर तत्काल प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।जांच का सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि कृषि केंद्र का बीज विक्रय लाइसेंस 28 अक्टूबर 2025 को ही समाप्त हो चुका था, लेकिन इसके बावजूद संचालक कथित रूप से बिना वैध प्राधिकार पत्र के बीज का भंडारण और विक्रय करता रहा। यह बीज (नियंत्रण) आदेश, 1983 के नियमों का सीधा उल्लंघन माना गया।4 अगस्त को दोबारा हुई जांच में कृषि विभाग ने संस्थान से 150 किलोग्राम धान बीज जब्त किया। जब्त बीज में विभिन्न कंपनियों की किस्में शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान पंचनामा बनाकर बीज को सुपुर्दगी में दिया गया।इन तथ्यों के आधार पर कृषि विभाग ने संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 एवं 7 के तहत स्लीमनाबाद थाने में मामला दर्ज कराया है।प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सवाल यह भी उठता है कि लाइसेंस समाप्त होने के बाद इतने लंबे समय तक बिना वैध अनुमति बीज बिक्री कैसे होती रही और संबंधित तंत्र को इसकी भनक क्यों नहीं लगी?
कटनी से सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट मो. 9131308097
खबर एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करें
