इंदौर/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शहर में चल रहे ’21 लाख पौधारोपण एवं 51 हजार जल संचयन अभियान’ को जनभागीदारी का बड़ा अभियान बताते हुए कहा कि 9 अगस्त को रेवती रेंज में 51 हजार पौधों का वृहद पौधारोपण किया जाएगा। इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल मुख्य रूप से शामिल होंगे।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दी जानकारी
पत्रकार वार्ता में मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि रेवती रेंज आज मानव प्रयासों से विकसित हुए घने जंगल का उदाहरण बन चुकी है। उन्होंने कहा कि जंगल सामान्यतः प्राकृतिक होते हैं, लेकिन रेवती रेंज ऐसा वन क्षेत्र है, जिसे इंदौरवासियों ने अपने श्रम और संकल्प से तैयार किया है। यहां लगाए गए प्रत्येक पौधे को नागरिकों ने रोपा और संरक्षित किया है।
रेवती रेंज के पेड़ों की होगी दोबारा गणना
मंत्री ने बताया कि दो वर्ष पहले ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत जिस पथरीली पहाड़ी पर पौधारोपण किया गया था, वहां आज हरियाली नजर आ रही है। वर्तमान में रेवती रेंज में लगभग 12.40 लाख पेड़ विकसित हो चुके हैं।उन्होंने इस सफलता का श्रेय नगर निगम और जनकार्य समिति के अध्यक्ष राजेंद्र राठौड़ को देते हुए कहा कि पौधे लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक चुनौती उन्हें जीवित रखना है। नियमित देखरेख और संरक्षण के कारण ही यह क्षेत्र आज घने जंगल का स्वरूप ले चुका है। विजयवर्गीय ने बताया कि रेवती रेंज का नाम पहले ही गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है। अब एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी यहां पहुंचकर पेड़ों की गणना करेगी और नए रिकॉर्ड की प्रक्रिया पूरी करेगी।
21 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
मंत्री ने बताया कि शहर में 21 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए विभिन्न विभागों, सामाजिक संस्थाओं, स्कूलों और कॉलेजों को अभियान से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार का उत्साह दिखाई दे रहा है, उसे देखते हुए यह संख्या 25 लाख तक पहुंच सकती है। नगर निगम अब तक 11.64 लाख पौधे लगा चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि शहर के सभी उद्यानों में कम से कम 25 प्रतिशत देशी प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे, ताकि भविष्य में छोटे-छोटे शहरी जंगल विकसित किए जा सकें।
दतूनी टेकरी और सुपर कॉरिडोर भी होंगे हरे-भरे
विजयवर्गीय ने कहा कि दतूनी टेकरी पर करीब एक लाख पौधे लगाए जाएंगे, जिससे इसे भी पितृ पर्वत की तरह विकसित किया जा सके। इसके अलावा सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में लगभग 100 एकड़ भूमि पर दो से तीन लाख पौधे लगाने की योजना है। उन्होंने कहा कि शहर की टेकरियों को हरित बनाने का उद्देश्य केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि उन्हें अवैध खनन से बचाना भी है। पथरीली जमीन पर पौधारोपण चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन तकनीकी प्रयासों से उसे पौधारोपण योग्य बनाकर हरियाली विकसित की जा रही है।
युवाओं की भागीदारी पर रहेगा विशेष फोकस
मंत्री ने बताया कि 9 अगस्त को रेवती रेंज में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में 10 से 15 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है। अभियान में विशेष रूप से युवाओं और नई पीढ़ी की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि पर्यावरण संरक्षण जनआंदोलन का रूप ले सके। रेवती रेंज में देव प्रतिमा स्थापना से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि इस विषय पर सभी पक्षों से चर्चा और सहमति के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। पत्रकार वार्ता में जनकार्य समिति के अध्यक्ष राजेंद्र राठौड़ भी उपस्थित रहे।
