Tuesday, November 3, 2026
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पचमढ़ी की इन वादियों में बसते हैं शिव शंकर भोलेनाथ… 10 दिन की नागद्वारी कठिन यात्रा की शुरुआत

प्लास्टिक पर पूरी तरह रोक

नर्मदापुरम/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नागद्वारी मंदिर में आयोजित होने वाले 10 दिवसीय नागद्वारी मेले की शुरुआत आज, 8 अगस्त से हो रही है। पचमढ़ी की सुरम्य वादियों में आयोजित होने वाला यह धार्मिक आयोजन 17 अगस्त तक चलेगा। मध्यप्रदेश का अमरनाथ कहे जाने वाले नागद्वारी मंदिर की यात्रा के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए नर्मदापुरम जिला प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और यातायात सहित सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। नागद्वारी यात्रा का औपचारिक शुभारंभ 7 अगस्त से हो चुका है। इसके बाद आज से मुख्य मेला शुरू हो रहा है। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर उन्हें उनके कार्यस्थलों पर तैनात कर दिया गया है।

ग्रीन और प्लास्टिक मुक्त रहेगा मेला
इस बार नागद्वारी मेले को पर्यावरण संरक्षण की थीम पर आयोजित किया जा रहा है। प्रशासन ने इसे ग्रीन और प्लास्टिक मुक्त मेला बनाने का लक्ष्य रखा है। सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। श्रद्धालुओं को प्लास्टिक की थैलियों के बजाय कपड़े के थैले उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का प्रयास है कि धार्मिक आयोजन के साथ पचमढ़ी के प्राकृतिक और पर्यावरणीय स्वरूप को भी सुरक्षित रखा जाए।

हर वाहन की होगी सघन जांच
मेले में आने वाले वाहनों को लेकर भी प्रशासन ने सख्त व्यवस्था की है। कलेक्टर के निर्देश पर प्रवेश करने वाले प्रत्येक वाहन की जांच की जाएगी। विशेष रूप से वाहनों में लाई जा रही प्लास्टिक की बोतलों पर नजर रखी जाएगी, ताकि मेले के बाद पचमढ़ी के जंगल और प्राकृतिक क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरा जमा न हो। खास बात यह है कि प्लास्टिक को लेकर बनाए गए नियम केवल आम श्रद्धालुओं पर लागू नहीं होंगे, बल्कि ड्यूटी पर आने वाले प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहनों की भी समान रूप से जांच की जाएगी।

सफाई व्यवस्था पर विशेष फोकस
मेले में आने वाली बड़ी संख्या में भीड़ को देखते हुए कचरा प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई है। जगह-जगह कचरा संग्रहण के लिए डस्टबिन लगाए जाएंगे और एकत्रित कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा। प्रशासन ने मेले में तैनात विभिन्न विभागों को अपने-अपने स्टॉल और निर्धारित क्षेत्रों में डस्टबिन रखना अनिवार्य किया है। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि श्रद्धालुओं द्वारा खुले में कचरा न फेंका जाए।

कठिन रास्तों पर मेडिकल टीमें रहेंगी सक्रिय
नागद्वारी मंदिर तक पहुंचने का मार्ग कठिन और चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। यात्रा मार्ग और प्रमुख स्थानों पर स्वास्थ्यकर्मियों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल प्राथमिक उपचार मिल सके।जरूरत पड़ने पर आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

नशे के कारोबार पर पूरी तरह रोक
नागद्वारी मेले की धार्मिक और आध्यात्मिक गरिमा को बनाए रखने के लिए क्षेत्र में नशीले और मादक पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। संबंधित विभागों की टीमें लगातार निगरानी करेंगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित माहौल में नागद्वारी यात्रा का अनुभव मिले। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित आमद को देखते हुए प्रशासन ने मेले के दौरान व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने की भी तैयारी की है।

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