Tuesday, November 3, 2026
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भोपाल में पुलिस को किडनैप कर ले गए बदमाश… चैकिंग के दौरान की घटना

हाथ-पैर बांधकर रातभर की पिटाई

भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बदमाशों के हौसले का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शाहपुरा थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान दो आरोपियों ने एक पुलिस आरक्षक को ही अगवा कर लिया। आरोप है कि बदमाशों ने आरक्षक के हाथ-पैर और मुंह बांध दिए और उसे कार में डालकर पूरी रात शहर में घूमते रहे। इस दौरान उसके साथ मारपीट भी की गई। सुबह पुलिस की गतिविधियां बढ़ने पर आरोपी आरक्षक को एमपी नगर इलाके के पास सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए। घटना के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वाहन की जानकारी के आधार पर आरोपियों को हिरासत में लिया है।

चेकिंग के दौरान कार में बैठा था आरक्षक
पुलिस के मुताबिक घटना 7 और 8 अगस्त की दरमियानी रात की है। शाहपुरा थाने में पदस्थ आरक्षक सुंदरराम पटेल अपने एक साथी के साथ रात में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक संदिग्ध कार दिखाई दी। पुलिसकर्मियों ने कार को रोककर चालक से पूछताछ की और उसे थाने चलने के लिए कहा। इसी बीच आरक्षक का साथी बाइक से आगे निकल गया, जबकि सुंदरराम कार में बैठ गए। आरोप है कि इसी दौरान कार सवार बदमाशों ने आरक्षक को काबू में कर लिया और उसका मोबाइल छीनकर बंद कर दिया।

वायरलेस पर नाकाबंदी का संदेश सुनकर फिर पीटा
जब आरक्षक निर्धारित समय पर थाने नहीं पहुंचे तो पुलिस अधिकारियों को संदेह हुआ। इसके बाद कंट्रोल रूम से वायरलेस के जरिए शहरभर में अलर्ट जारी किया गया और संभावित स्थानों पर नाकाबंदी के निर्देश दिए गए। आरक्षक के पास वायरलेस सेट भी मौजूद था। आरोपियों को जब वायरलेस पर पुलिस की गतिविधियों और नाकाबंदी से संबंधित संदेश सुनाई दिए तो उन्हें अंदेशा हो गया कि पुलिस उनकी तलाश कर रही है। इसके बाद बदमाशों ने आरक्षक के साथ दोबारा मारपीट की। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने आरक्षक को बंधक बनाए रखा और रातभर कार में शहर की अलग-अलग सड़कों पर घुमाते रहे।

सुबह सड़क किनारे छोड़कर भागे
पुलिस की तलाश और शहर में बढ़ती सक्रियता के बीच आरोपी सुबह के समय आरक्षक को एमपी नगर के पास सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने आरक्षक को सुरक्षित बरामद किया और घटना की जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। कार के नंबर और फुटेज से पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।

जिस कार से वारदात, वह वकील के नाम पर
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वारदात में इस्तेमाल की गई कार एक वकील के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने वाहन का इस्तेमाल किस तरह किया। जांच का एक अहम बिंदु यह भी है कि कार आरोपियों ने कहीं से चोरी की थी या वाहन मालिक से उनका कोई सीधा संबंध है। पुलिस वाहन के मालिक और आरोपियों के बीच संबंधों की भी पड़ताल कर रही है।

आरोपी विदिशा और भोपाल से जुड़े
पुलिस जांच में यह जानकारी सामने आई है कि पकड़े गए आरोपियों में कुछ का संबंध विदिशा जिले के गंजबासौदा से है, जबकि एक आरोपी भोपाल में ही रहता है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है। मामले में पुलिस ने अपहरण और लूट सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।

पुलिसकर्मी के अपहरण से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
राजधानी के एक प्रमुख इलाके में ड्यूटी पर तैनात पुलिस आरक्षक को ही बदमाशों द्वारा अगवा किए जाने की घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना ने यह भी चिंता बढ़ाई है कि जब रात की ड्यूटी कर रहा पुलिसकर्मी ही अपराधियों के निशाने से सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर क्या स्थिति होगी। घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है, और पुलिस वारदात के पीछे के कारणों के साथ-साथ वाहन, आरोपियों और अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

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