Tuesday, November 3, 2026
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Datia BJP Report: दतिया में हार के बाद खुफिया रिपोर्ट पर सबकी नजर… परिवर्तन-दर-परिवर्तन का काउंटडाउन

खामियों का निकाला जाएगा समाधान

Datia BJP Report: दतिया में हार के बाद खुफिया रिपोर्ट पर सबकी नजर… परिवर्तन-दर-परिवर्तन का काउंटडाउन
खामियों का निकाला जाएगा समाधान

भोपाल/खबर डिजिटल/ दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भाजपा में उथल-पुथल की स्थिति है। दिल्ली में आलाकमान ने इसे बड़ी हार के रुप में लिया है, नतीजतन प्रदेश के आला नेताओं से पीएम मोदी से लेकर गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मुलाकात की। चर्चा का विषय कोई और बताया गया, लेकिन अंदरखानों से छनकर आई खबरों में दतिया में हार ही प्रमुख बातचीत का विषय था। इसी के चलते दो सदस्यीय समीक्षा समिति से रिपोर्ट के बाद संगठन में बड़ा फेरबदल किया गया। उपलब्ध रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि हार को केवल प्रत्याशी की कमजोरी नहीं, बल्कि संगठनात्मक गड़बड़ी और अंदरूनी मतभेदों से जोड़कर देखा गया।

अंदरूनी रिपोर्ट में मुख्य बातें क्या सामने आईं?

भीतरघात सबसे खास: दतिया उपचुनाव में पार्टी के नेताओं की नाराजगी प्रमुख मुद्दा रहा, कहा जा रहा है कि कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा चुनाव में सक्रियता के साथ काम नहीं किया गया। बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की ओर से भी कथित भीतरघात के सबूत पार्टी नेतृत्व के सामने रखे जाने की खबर है।

गुटबाजी की बात: खास रिपोर्ट में निकलकर सामने आया कि पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों के बवाल काटने के बाद अन्य प्रत्याशी को लाभ पहुंचाया गया। सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली गई कि आशुतोष तिवारी के जीतने पर अन्य स्थानीय बीजेपी नेताओं की जगह नए कार्यकर्ताओं को तवज्जो दी जाएगी। इसे भाजपा की हार के प्रमुख कारणों में गिना गया।

टिकट को लेकर असंतोष: पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के साथ-साथ अन्य बीजेपी नेता भी प्रयास कर रहे थे कि उन्हें भी मौका मिल सकता है, परंतु पार्टी ने चौंकाने वाला नाम आगे बढ़ा दिया, जोकि दतिया विधानसभा सक्रिय नहीं रहे हैं। ऐसे में टिकट वितरण को भी बीजेपी की हार में प्रमुख स्थान दिया गया।

संगठनात्मक बदलाव का बड़ा संकेत: पार्टी की रिपोर्ट आने के बाद बीजेपी ने दतिया की पूरी जिला इकाई और जिला कार्यकारिणी को भंग कर दिया। यह कदम बताता है कि पार्टी नेतृत्व ने हार को गंभीर संगठनात्मक विफलता के रूप में लिया। जिसके चलते अब नए संगठन की टीम खड़ी की जाएगी। समीक्षा के निष्कर्षों के आधार पर दतिया में नए जिलाध्यक्ष और नई संगठन टीम को लेकर मंथन चल रहा है।

सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश
दतिया में हार के बाद बीजेपी आकलन कर रही है कि कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह से करीब 6 हजार के आसपास के वोटों की हार के बाद पार्टी में आकलन का दौर जारी है। आजाद समाज के प्रत्याशी दामोदर यादव के भी अच्छा वोट ले जाने पर विचार किया जा रहा है, अगर वो खड़े नहीं होती तो पार्टी को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ सकता था। इसी वजह से हार के तुरंत बाद पूरी जिला इकाई पर कार्रवाई हुई। जिसका असर अन्य जिलों में भी अभी से दिखाई देने लगेगा, और संगठन को मजबूत किया जाएगा।

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