Tuesday, November 3, 2026
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मध्यप्रदेश में अब 24 घंटे खुल सकेंगे दुकान-मॉल और रेस्टोरेंट… नई श्रम संहिता को राज्यपाल की मंजूरी

सीएम डॉ. मोहन यादव की मंशा होगी पूरी

भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्य प्रदेश में व्यापार और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने ‘मध्य प्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता (श्रम शक्ति संहिता), 2026’ को मंजूरी दे दी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रदेश में दुकान, मॉल, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित किए जा सकेंगे। सरकार ने हालांकि साफ किया है कि 24 घंटे प्रतिष्ठान खोलने की अनुमति का अर्थ कर्मचारियों से लगातार या मनमाने ढंग से काम कराना नहीं होगा। नई संहिता में कर्मचारियों के काम के घंटे, ओवरटाइम, सुरक्षा व्यवस्था और महिला कर्मचारियों से जुड़े विशेष प्रावधान शामिल किए गए हैं।

48 घंटे से ज्यादा काम नहीं करा सकेंगे
नई व्यवस्था के तहत किसी कर्मचारी से एक सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे तक ही काम कराया जा सकेगा। प्रतिष्ठानों को आवश्यकता के अनुसार शिफ्ट व्यवस्था लागू करनी होगी, ताकि कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का बोझ न पड़े। वहीं, किसी कर्मचारी की दैनिक ड्यूटी 12 घंटे से अधिक नहीं हो सकेगी। निर्धारित कार्य अवधि से अतिरिक्त काम कराने की स्थिति में कर्मचारी की सहमति जरूरी होगी। अतिरिक्त काम के लिए श्रम नियमों के अनुसार ओवरटाइम का भुगतान भी करना होगा।

एक बार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, मिलेगी यूनिक आईडी
नई संहिता में कारोबारियों के लिए पंजीयन प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर दिया गया है। अब व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा और इसके बाद उन्हें एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर जारी किया जाएगा। प्रतिष्ठान की जानकारी में भविष्य में कोई बदलाव होने पर उसे ऑनलाइन अपडेट किया जा सकेगा। इससे कागजी प्रक्रिया कम होगी और कारोबारियों को बार-बार पंजीयन कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

24 घंटे संचालन के लिए सुरक्षा जरूरी
नई व्यवस्था के तहत 24 घंटे चलने वाले प्रतिष्ठानों को कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। कार्यस्थल पर साफ-सफाई, अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकासी और आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
सरकार का उद्देश्य है कि रात-दिन व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने के बावजूद किसी आपात स्थिति में कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा से समझौता न हो।

महिला कर्मचारियों के लिए विशेष नियम
महिलाओं को रात्रि शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन इसके लिए नियोक्ताओं को सुरक्षा से जुड़ी जरूरी व्यवस्थाएं करनी होंगी। इसमें सुरक्षित परिवहन, कार्यस्थल पर पर्याप्त सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं और उनकी कार्यबल में भागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा।

असंगठित क्षेत्र के कामगारों को भी सामाजिक सुरक्षा
नई व्यवस्था में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने पर जोर दिया गया है। रिक्शा चालक, घरेलू कामगार, निर्माण श्रमिक और अन्य असंगठित क्षेत्र से जुड़े कामगारों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की योजना है।
इसके साथ ही श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने का भी प्रावधान किया गया है।

नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
नई संहिता के तहत श्रम विभाग के अधिकारियों को प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने और जरूरी दस्तावेजों की जांच करने का अधिकार रहेगा। यदि किसी प्रतिष्ठान में काम के घंटे, ओवरटाइम, सुरक्षा व्यवस्था या श्रमिकों से जुड़े अन्य नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार के मुताबिक, नई व्यवस्था का मकसद प्रदेश में व्यापार को सुगम बनाना, निवेश को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। इसके साथ ही श्रमिकों के अधिकार, सुरक्षित कार्यस्थल और सामाजिक सुरक्षा को भी सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है।

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