भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश में खरीफ सीजन के दौरान खाद की किल्लत को लेकर चिंतित किसानों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश में सब्सिडी वाले उर्वरकों की बिक्री और वितरण पर लगाई गई अस्थायी रोक जल्द खत्म होने जा रही है। सरकार ने स्टॉक सत्यापन पूरा करने के बाद 17 अगस्त से खाद की बिक्री दोबारा शुरू करने की तैयारी कर ली है।
बिक्री पर लगाई थी रोक
सरकार ने 14 अगस्त की शाम 7 बजे से प्रदेशभर में सब्सिडी वाले खाद की बिक्री और वितरण पर अस्थायी रोक लगाई थी। यह रोक विपणन संघ, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों, एमपी एग्रो और निजी खाद विक्रेताओं पर भी लागू की गई थी।
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iFMS के स्टॉक का जमीन पर मौजूद खाद से मिलान
सरकार के मुताबिक, खाद वितरण रोकने का मुख्य उद्देश्य iFMS पोर्टल पर दर्ज स्टॉक और गोदामों व बिक्री केंद्रों पर मौजूद वास्तविक स्टॉक का सत्यापन करना है। इस प्रक्रिया के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज खाद की मात्रा और वास्तविक उपलब्धता में कोई अंतर न हो।
स्टॉक मिलान का काम जारी
स्टॉक मिलान का काम 16 अगस्त की शाम तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद 17 अगस्त से किसानों के लिए खाद वितरण व्यवस्था फिर सामान्य करने की तैयारी है। जिसके चलते किसानों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।
दो दिन की रोक से 82 लाख किसानों की बढ़ी चिंता
खाद की बिक्री अचानक बंद होने से प्रदेश के करीब 82 लाख किसानों की चिंता बढ़ गई थी। खरीफ सीजन में धान समेत कई फसलों के लिए यूरिया और अन्य उर्वरकों की मांग बनी हुई है। ऐसे समय में खाद की बिक्री रुकने से किसानों को फसल के लिए उर्वरक नहीं मिलने की आशंका सताने लगी थी।
किसान कल्याण विभाग ने दी जानकारी
किसान कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह रोक स्थायी नहीं बल्कि स्टॉक सत्यापन के लिए अस्थायी व्यवस्था है। विभाग का लक्ष्य है कि प्रक्रिया जल्द पूरी कर किसानों को दोबारा खाद उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी भी तरह की परेशानी का सामना किसानों को ना करना पड़े।
छुट्टियों में भी जारी है स्टॉक वेरिफिकेशन
सरकार ने बताया कि 15 और 16 अगस्त के अवकाश के बावजूद खाद के स्टॉक का मिलान और सत्यापन कार्य जारी रखा जा रहा है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो और किसानों को लंबे समय तक खाद के लिए इंतजार न करना पड़े।
जिला प्रशासन को दी जिम्मेदारी
सब्सिडी वाली खाद पूरी व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को सौंपी गई है। अब किसानों की नजर 17 अगस्त पर है, जब प्रदेश में सब्सिडी वाले खाद की बिक्री और वितरण फिर से शुरू होने की उम्मीद है। इससे किसानों को काफी राहत मिलेगी।
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