भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश में प्रस्तावित यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर फैली एक अफवाह ने लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। नजदीकी रिश्तेदारों, खासकर चचेरे और ममेरे भाई-बहन के बीच होने वाली शादियों पर प्रतिबंध लगने की चर्चाओं के बाद भोपाल में निकाह के लिए अचानक आवेदन बढ़ने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि जिन परिवारों ने बच्चों की शादी कुछ महीने बाद तय की थी, वे भी संभावित प्रतिबंध की आशंका में जल्द निकाह कराने के लिए काजियों से संपर्क कर रहे हैं।
UCC के प्रावधानों को लेकर कैसे फैला भ्रम?
मध्यप्रदेश में प्रस्तावित यूसीसी के ड्राफ्ट में विवाह, तलाक, विरासत और अन्य पारिवारिक मामलों के लिए समान कानूनी व्यवस्था तैयार करने का प्रस्ताव है। इसी दौरान प्रतिबंधित रिश्तों के दायरे में आने वाली शादियों को लेकर चर्चाएं शुरू हुईं। लेकिन प्रस्तावित प्रावधानों में रीति-रिवाज और स्थापित परंपराओं से जुड़े अपवाद का भी जिक्र किया गया है। यानी जिन समुदायों या समाजों में परंपरा और प्रचलित रीति-रिवाजों के तहत कुछ रिश्तों में विवाह को मान्यता प्राप्त है, वहां इस व्यवस्था को लेकर अलग प्रावधान लागू हो सकते हैं।
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अफवाह के बाद समय से पहले निकाह कराने की कोशिश
भोपाल में फैली चर्चाओं के बाद कई परिवार कथित रूप से तय समय से पहले निकाह की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए संपर्क कर रहे हैं। परिवारों को आशंका है कि यदि प्रस्तावित कानून लागू होने के बाद नियम बदल गए तो रिश्तेदारों के बीच तय विवाह प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि किसी भी कानून या प्रस्तावित प्रावधान को लेकर अधूरी जानकारी के आधार पर जल्दबाजी में निर्णय नहीं लेना चाहिए।
वक्फ बोर्ड ने कहा- रीति-रिवाजों को लेकर अपवाद मौजूद
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनव्वर पटेल ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उनके अनुसार, यूसीसी के प्रस्तावित प्रावधानों में नजदीकी रिश्तों में विवाह का उल्लेख जरूर है, लेकिन जिन समाजों में ऐसी शादियां पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत मान्य हैं, वहां इस पहलू को लेकर अपवाद का प्रावधान मौजूद है। उन्होंने कहा कि कजिन मैरिज पर पूरी तरह प्रतिबंध लगने की बात से लोगों के बीच अनावश्यक भ्रम पैदा हो रहा है।
नायब शहर काजी ने भी की अपील
नायब शहर काजी अली कदर साहब ने भी लोगों से भ्रामक जानकारी से बचने की अपील की है। उनका कहना है कि प्रस्तावित यूसीसी ड्राफ्ट का अध्ययन किया गया है और इसमें परंपरा तथा रीति-रिवाजों से जुड़े मामलों के लिए प्रावधान मौजूद हैं। उनके अनुसार, जिन समाजों में लंबे समय से कजिन के बीच विवाह की परंपरा रही है, वहां ऐसी शादियों पर सीधे प्रतिबंध लगने की बात सही नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि केवल सोशल मीडिया या अधूरी जानकारी के आधार पर जल्दबाजी में निकाह की तारीख तय न करें।
लोगों से अफवाहों से बचने की अपील
यूसीसी से जुड़े नियमों को लेकर अंतिम स्थिति कानून के आधिकारिक प्रावधान और उसके लागू होने के बाद की व्यवस्था से स्पष्ट होगी। ऐसे में लोगों से अपील की जा रही है कि वे किसी भी भ्रामक खबर या अफवाह पर भरोसा न करें और सही जानकारी के लिए आधिकारिक दस्तावेजों तथा संबंधित अधिकारियों से पुष्टि करें। फिलहाल, मध्य प्रदेश में कजिन मैरिज पर प्रतिबंध की चर्चाओं ने भोपाल में निकाह को लेकर हलचल जरूर बढ़ा दी है, लेकिन धार्मिक प्रतिनिधियों का कहना है कि रीति-रिवाजों के तहत मान्य विवाहों को लेकर फैलाई जा रही पूर्ण प्रतिबंध की बात सही नहीं है।
