सहारनपुर की दिशा बैठक में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी विधायक आशु मलिक के बीच हुई तीखी बहस के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई है. दोनों नेताओं के बीच विवाद का वीडियो सामने आने के बाद आशु मलिक की राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. पश्चिमी यूपी में सपा के प्रमुख मुस्लिम चेहरों में शामिल आशु मलिक का राजनीतिक सफर कई उतार-चढ़ाव से गुजरा है.
2022 में बने सहारनपुर देहात के विधायक
आशु मलिक ने 2022 के विधानसभा चुनाव में सहारनपुर देहात सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीत हासिल की. विधायक बनने से पहले भी वह पार्टी संगठन में सक्रिय रहे हैं. वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. पश्चिमी यूपी में पार्टी के मुस्लिम नेताओं के बीच उनकी पहचान लगातार मजबूत हुई है.
कभी शिवपाल यादव के करीबी माने जाते थे
आशु मलिक के राजनीतिक सफर में समाजवादी परिवार के अलग-अलग नेताओं के साथ उनके संबंध खास रहे हैं. पार्टी के भीतर 2016-17 में मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के बीच जब राजनीतिक टकराव चल रहा था, उस दौरान मलिक का नाम भी सपा के अंदरूनी घटनाक्रम को लेकर सामने आया था. उस समय उन्हें शिवपाल यादव के करीब माना जाता था.
अखिलेश यादव के खेमे में कैसे पहुंचे?
समाजवादी पार्टी के पारिवारिक विवाद के बाद आशु मलिक की राजनीतिक नजदीकियां धीरे-धीरे अखिलेश यादव के साथ बढ़ती गईं. समय के साथ वह अखिलेश खेमे के भरोसेमंद नेताओं में शामिल हो गए. मौजूदा समय में पश्चिमी यूपी में सपा की राजनीति की चर्चा होने पर आशु मलिक का नाम प्रमुखता से लिया जाता है.
मुस्लिम राजनीति में बनाई मजबूत पहचान
सहारनपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में मुस्लिम मतदाता चुनावी समीकरण को प्रभावित करते हैं. ऐसे में सपा के लिए इस क्षेत्र में प्रभावशाली मुस्लिम नेतृत्व महत्वपूर्ण माना जाता है. आशु मलिक ने स्थानीय मुद्दों और समुदाय से जुड़े विषयों को लगातार उठाकर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की है.
इमरान मसूद से क्यों है टकराव?
आशु मलिक और इमरान मसूद के बीच राजनीतिक मतभेद पहले भी सामने आते रहे हैं. सहारनपुर की दिशा बैठक में दोनों के बीच हुई तीखी बहस ने इस विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया. बैठक का वीडियो वायरल होने के बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक संबंधों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
2027 में बढ़ सकती है भूमिका
आशु मलिक की राजनीति को सपा संगठन से पुराना जुड़ाव, पश्चिमी यूपी में उनकी पकड़ और अखिलेश यादव के साथ मौजूदा नजदीकी के तौर पर देखा जाता है. 2022 में विधायक बनने के बाद उनका राजनीतिक कद और मजबूत हुआ है. ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सहारनपुर और पश्चिमी यूपी की सियासत में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है.
