भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात ने मध्यप्रदेश की सियासत में चर्चाओं को तेज कर दिया है। खासतौर पर दतिया उपचुनाव के बाद दोनों नेताओं की यह महत्वपूर्ण मुलाकात कई राजनीतिक मायनों में अहम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के बीच हुई लंबी बातचीत को लेकर अब प्रदेश की राजनीति में अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। संदेश साफ है कि मोहन पर आलाकमान का भरोसा बरकरार है।
किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
मुलाकात के दौरान मध्यप्रदेश सरकार के कामकाज, आगामी योजनाओं और सरकार की प्राथमिकताओं से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की बात सामने आ रही है। इसके साथ ही सहकारिता मंत्रालय से संबंधित मुद्दे भी बातचीत का प्रमुख हिस्सा रहे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के पास सहकारिता मंत्रालय की जिम्मेदारी भी है, और मध्यप्रदेश सरकार सहकारिता के माध्यम से अपनी योजनाओं तथा उपलब्धियों को आगे बढ़ाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। ऐसे में प्रदेश में सहकारिता से जुड़े कार्यों और भविष्य की योजनाओं को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच विचार-विमर्श हुआ।
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ओरछा में BJP की प्रदेश कार्यसमिति से पहले मुलाकात अहम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अमित शाह की इस मुलाकात को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि 30 और 31 अगस्त को ओरछा में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। ऐसे समय में मुख्यमंत्री की केंद्रीय गृहमंत्री के साथ लंबी बैठक ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है। ओरछा में होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पार्टी संगठन को मजबूत करने, आगामी राजनीतिक रणनीति, संगठनात्मक रोडमैप और भविष्य की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण मंथन होना है। ऐसे में बैठक से ठीक पहले मुख्यमंत्री और अमित शाह के बीच हुई बातचीत को पार्टी की आगामी रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
मुलाकात के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, जब किसी राज्य के मुख्यमंत्री की केंद्रीय नेतृत्व के प्रमुख नेता से लंबी मुलाकात होती है तो उसमें केवल प्रशासनिक विषय ही नहीं, बल्कि संगठन और प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हो सकते हैं। यही वजह है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अमित शाह की बैठक को लेकर मध्यप्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। दतिया उपचुनाव के नतीजों के बाद यह मुलाकात और भी अहम मानी जा रही है। उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद भाजपा संगठन और सरकार के स्तर पर राजनीतिक स्थिति की समीक्षा को लेकर भी चर्चा की संभावना जताई जा रही है।
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मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी बढ़े कयास
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक चर्चाएं लगातार तेज हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी नए कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, मुलाकात में मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा हुई या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। लेकिन प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री और केंद्रीय नेतृत्व के बीच हुई इस बैठक को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि यदि मंत्रिमंडल में बदलाव या विस्तार को लेकर कोई निर्णय होना है, तो आने वाले दिनों में इसकी तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
ओरछा पर टिकी निगाहें
फिलहाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अमित शाह की बैठक के बाद सभी की नजरें ओरछा में होने वाली भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक पर टिकी हैं। बैठक में संगठन और सरकार से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा के साथ आगामी राजनीतिक दिशा को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत मिलने की उम्मीद है। जिसके चलते इस मुलाकात का संदेश कार्यसमिति में निकलकर सामने आ सकता है, और उसके बाद अहम बदलाव भी सियासी पटल पर दिखाई दे सकते हैं।
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