भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले को लेकर मध्यप्रदेश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मोहन सरकार और सागर पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस और सरकार ने शराब के तार उत्तर प्रदेश के ललितपुर से जुड़े होने का दावा किया, लेकिन अब ललितपुर पुलिस की ओर से इस दावे पर सवाल उठाए गए हैं।
तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग
कांग्रेस ने कहा कि यदि सागर पुलिस के पास ललितपुर से जहरीली या अवैध शराब आने से संबंधित ठोस तथ्य अथवा साक्ष्य मौजूद हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए। पार्टी ने सवाल किया कि आखिर पुलिस के पास इस दावे के समर्थन में प्रमाण हैं या फिर जांच के बीच दूसरे राज्य का नाम लेकर मामले की दिशा बदलने की कोशिश की जा रही है।
प्रशासनिक विफलता से ध्यान हटाने का दावा
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी इस मामले में जवाब मांगा है। पार्टी का कहना है कि जहरीली शराब से हुई मौतों की जिम्मेदारी तय करने के बजाय यदि सरकार दूसरे राज्य का नाम लेकर अपनी प्रशासनिक विफलता से ध्यान हटाने की कोशिश करती है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
निष्पक्ष जांच की मांग
विपक्ष ने मांग की है कि सरकार सागर शराब कांड की जांच से जुड़े सभी तथ्यों को स्पष्ट करे और यदि ललितपुर से शराब की सप्लाई का कोई प्रमाण सामने आया है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। कांग्रेस ने कहा कि मौतों के मामले में किसी भी तरह की राजनीति के बजाय निष्पक्ष जांच, दोषियों की पहचान और पीड़ित परिवारों को न्याय प्राथमिकता होनी चाहिए।
जांच के बाद होगा खुलासा
अब इस मामले में सागर पुलिस की जांच और ललितपुर पुलिस के रुख के बीच सामने आए अंतर को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में जांच में सामने आने वाले तथ्य इस पूरे विवाद की दिशा तय करेंगे। जिसके बाद पता चलेगा कि आखिर घटना के पीछे की असल वजह क्या है।
