रीवा/खबर डिजिटल/अरविन्द तिवारी/ Rewa News:रीवा के शासकीय शिक्षा महाविद्यालय में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सेवानिवृत्त भृत्य रामावतार कुशवाहा ने कथित तौर पर छत से कूदकर जान देने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि रिटायरमेंट के नौ महीने बाद भी पेंशन प्रकरण आगे नहीं बढ़ने से वे परेशान थे। आनन-फानन में प्राचार्य और स्टाफ ने उन्हें पकड़कर बचा लिया।
पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने और कूदने की कोशिश
रामावतार कुशवाहा का आरोप है कि सेवानिवृत्ति के करीब नौ महीने बाद भी उनका पेंशन प्रकरण महाविद्यालय से आगे नहीं भेजा गया। इसी से परेशान होकर उन्होंने कथित तौर पर शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगाने और कॉलेज की छत से कूदने का प्रयास किया। कुशवाहा ने स्थापना शाखा के लिपिक जितेंद्र पांडेय पर 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
स्थापना शाखा के लिपिक पर ₹50,000 की रिश्वत का आरोप
उनका यह भी आरोप है कि लिपिक खुद को मंत्री का आदमी बताकर दबाव बनाता था। घटना के बाद कॉलेज प्रबंधन में हड़कंप मच गया। स्टाफ ने तत्काल हस्तक्षेप कर उनकी जान बचाई। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर नौ महीने से पेंशन प्रकरण लंबित क्यों है और लगाए गए रिश्वत व प्रताड़ना के आरोपों की जांच कब होगी? फिलहाल मामले में लगाए गए रिश्वत और प्रताड़ना के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
