डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ Dindori News: डिंडोरी में खेती-किसानी से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं और लंबे समय से अटकी मांगों को लेकर जिलेभर का किसान वर्ग एक बार फिर मुखर हो उठा है। भारतीय किसान संघ के बैनर तले बुधवार को डिंडौरी जिले की तीनों तहसीलों—डिंडौरी, शहपुरा और बजाग—में एक साथ जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। संघ ने डिंडौरी में 15, शहपुरा में 18 और बजाग में 17 सूत्रीय मांगों का पुलिंदा प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपकर समस्याओं के जल्द निपटारे की सख्त चेतावनी दी है।
तहसीलवार सौंपे गए ज्ञापन –
प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के दौरान तीनों तहसीलों में संगठन के शीर्ष पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे: डिंडौरी तहसील: तहसील अध्यक्ष खमोद चंदेल के नेतृत्व में किसानों ने एसडीएम रामबाबू देवांगन को ज्ञापन सौंपा।शहपुरा तहसील: जिला अध्यक्ष बिहारी लाल साहू की अगुवाई में अधिकारियों को मांग पत्र दिया गया। बजाग तहसील: तहसील अध्यक्ष आशाराम यादव के नेतृत्व में किसानों ने अपनी आवाज बुलंद की।
प्रमुख मांगें
ज्ञापन के माध्यम से कृषि, बिजली, राजस्व, सहकारिता और शिक्षा से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया है:
धान उपार्जन सीमा 40 क्विंटल हो: जिले में किसानों की उत्पादन क्षमता को देखते हुए वर्तमान धान खरीदी सीमा 22 क्विंटल प्रति हेक्टेयर को नाकाफी बताते हुए इसे बढ़ाकर 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर करने की मांग की गई है।
24 घंटे में बदला जाए ट्रांसफॉर्मर: ओवरलोड ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने, अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाने तथा जले हुए ट्रांसफॉर्मरों को 24 घंटे के भीतर बदलने की मांग रखी गई। साथ ही वितरण केंद्रों पर ‘ट्रांसफॉर्मर बैंक’ बनाने पर जोर दिया गया।
राजस्व नक्शे में दर्ज हो खेत का रास्ता: राजस्व अदालतों में लंबित बंटवारा, नामांतरण और त्रुटि सुधार के मामलों का निपटारा जल्द करने की मांग के साथ ही प्रत्येक किसान के खेत तक जाने वाले रास्ते को कृषि यंत्रों सहित राजस्व नक्शे में दर्ज करने की बात कही गई। फसल कटाई प्रयोग के दौरान मुनादी कराकर कुआं, तालाब, नहर व नदी से सिंचित भूमि को गिरदावरी में सही तरीके से दर्ज करने का आग्रह किया गया।
पीएम किसान सम्मान निधि से छूटे पात्र परिवारों के सदस्यों के नाम जोड़ने और पुनर्गठित पैक्स/लैम्प्स सहकारी समितियों का विभाजन कर उनके कार्यालय तुरंत शुरू कराने की मांग उठाई गई। शहपुरा के बिलगांव से खोंढ्रा सड़क की तत्काल मरम्मत, शासकीय मॉडल कॉलेज बझेरा का भवन तैयार होने के बाद पढ़ाई शुरू कराने, जिले में कृषि महाविद्यालय खोलने तथा पशु चिकित्सालयों में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध कराने की मांग शामिल है। पटवारियों की हड़ताल के कारण ठप पड़े राजस्व कार्यों का शीघ्र निराकरण कराने की मांग भी उठाई गई।
