- एयू एसएफबी का शुरुआती बिज़नेस और सबसे बड़ी लेंडिंग फ्रैंचाइज़ अब पूरे भारत में 13.7 लाख से ज़्यादा कस्टमर्स को सर्विस देती है, जो लगभग तीन दशकों की फाइनेंसिंग की उम्मीदों, आजीविका और आर्थिक तरक्की को दिखाता है।
मुंबई: भारत के सबसे बड़े स्मॉल फाइनेंस बैंक और एक दशक से अधिक समय में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से यूनिवर्सल बैंक में बदलाव के लिए सैद्धांतिक मंजूरी पाने वाले पहले बैंक एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (एयू एसएफबी) ने बुधवार को घोषणा की कि उसके प्रमुख व्हील्स कारोबार ने ₹50,000 करोड़ के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि केवल वित्तीय वृद्धि को नहीं दर्शाती, बल्कि करीब तीन दशकों से भारत की मोबिलिटी और उद्यमिता की यात्रा को समर्थन देने की बैंक की भूमिका को भी रेखांकित करती है।
यह उपलब्धि अगस्त 2026 में दर्ज की गई, जब व्हील्स पोर्टफोलियो का एयूएम ₹50,000 करोड़ के पार पहुंच गया। इस कारोबार ने अलग-अलग कारोबारी चक्रों के दौरान लगातार वृद्धि दर्ज की है। पिछले तीन वर्षों में इसका सीएजीआर 26% और पांच वर्षों में 29% रहा है। यह कारोबार एयू का सबसे बड़ा लेंडिंग बिजनेस बना हुआ है और बैंक के कुल लोन पोर्टफोलियो में करीब एक-तिहाई योगदान देता है।
1996 में राजस्थान में स्वरोजगार करने वाले उद्यमियों और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों को वित्तीय सहायता देने के उद्देश्य से शुरू हुआ यह कारोबार आज देश के प्रमुख व्हीकल-फाइनेंस कारोबारों में शामिल हो गया है। वर्तमान में यह देशभर में 13.7 लाख से अधिक ग्राहकों को सेवाएं दे रहा है।
ग्राहकों के भरोसे, अंडरराइटिंग विशेषज्ञता और सतर्क जोखिम प्रबंधन पर तैयार यह कारोबार आज भी अपने मूल उद्देश्य—देशभर में मोबिलिटी, उद्यमिता और आकांक्षा आधारित विकास को बढ़ावा देने—पर केंद्रित है।
करीब तीन दशकों से एयू का व्हील्स कारोबार ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों, किसानों, ठेकेदारों, टैक्सी मालिकों, पहली बार वाहन खरीदने वालों, छोटे कारोबारियों और नए उद्यमियों को ऐसे उत्पादक परिसंपत्तियों के लिए वित्त उपलब्ध करा रहा है, जो उनकी आजीविका और आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाती हैं।
इस कारोबार की एक प्रमुख विशेषता पुराने वाहनों के वित्तपोषण में इसकी मजबूत मौजूदगी है। यह सेगमेंट देशभर में किफायती मोबिलिटी और उद्यमिता के अवसर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पिछले वर्षों में एयू ने नए और पुराने, दोनों तरह के वाहनों के वित्तपोषण में विशेषज्ञता विकसित की है। इससे ग्राहकों को औपचारिक ऋण तक पहुंच बनाने और देश की आर्थिक विकास यात्रा में भागीदारी का अवसर मिला है।
वर्तमान में व्हील्स कारोबार का विविधीकृत पोर्टफोलियो ₹50,000 करोड़ से अधिक है। इसमें ₹30,752 करोड़ का नया वाहन वित्त, ₹17,966 करोड़ का पुराने वाहन वित्त और ₹1,767 करोड़ का दोपहिया वाहन वित्त शामिल है।
देशभर में एयू एसएफबी के 3,000 से अधिक सर्विस टचपॉइंट और करीब 2,000 स्थानों पर सेवाओं की उपलब्धता के दम पर व्हील्स कारोबार ने भारत के सबसे व्यापक व्हीकल-फाइनेंस नेटवर्क में से एक तैयार किया है। इससे शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण बाजारों में ग्राहकों तक व्यापक पहुंच संभव हुई है।
इस उपलब्धि पर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के संस्थापक, एमडी एवं सीईओ संजय अग्रवाल ने कहा, “हमारे व्हील्स कारोबार का एयूएम ₹50,000 करोड़ के पार पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि यह उस नींव को दर्शाता है जिस पर करीब तीन दशक पहले एयू का निर्माण हुआ था। मेहनती उद्यमियों और स्वरोजगार करने वाले लोगों को सहयोग देने के सरल विश्वास के साथ शुरू हुआ यह कारोबार आज पूरे भारत में 13 लाख से अधिक ग्राहकों का भरोसा हासिल कर चुका है।
यह उपलब्धि केवल पोर्टफोलियो के आकार को नहीं दर्शाती। इसके पीछे मोबिलिटी, आजीविका निर्माण, कारोबार के विस्तार और आर्थिक प्रगति की अनगिनत यात्राएं हैं। हम अपने ग्राहकों, डीलर पार्टनर्स, कर्मचारियों और सभी हितधारकों के आभारी हैं, जो इस यात्रा का अभिन्न हिस्सा रहे हैं।
भारत जब इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, ग्रामीण समृद्धि और उद्यमिता में लगातार निवेश कर रहा है, तब हम जिम्मेदार लेंडिंग, तकनीक आधारित नवाचार और सतर्क जोखिम प्रबंधन के माध्यम से ग्राहकों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यूनिवर्सल बैंक बनने की एयू की यात्रा में व्हील्स कारोबार आगे भी विकास का एक प्रमुख इंजन बना रहेगा।”
अपने व्यापक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के तहत बैंक लेंडिंग ऑपरेशंस में एडवांस्ड एनालिटिक्स, ऑटोमेशन और एआई आधारित क्षमताओं को लगातार एकीकृत कर रहा है। इससे ग्राहक अनुभव, परिचालन दक्षता और कारोबार को बड़े स्तर पर विस्तार देने की क्षमता बेहतर हो रही है। साथ ही, बैंक अपने व्हील्स कारोबार को वृद्धि के अगले चरण के लिए तैयार कर रहा है। एयू के संचालन के चौथे दशक में प्रवेश के साथ उसका व्हील्स कारोबार मोबिलिटी, उद्यमिता और आर्थिक विकास के संगम पर बना हुआ है। कारोबार का उद्देश्य ग्राहकों की आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ-साथ ग्राहकों, समुदायों और व्यापक अर्थव्यवस्था के लिए दीर्घकालिक मूल्य तैयार करना जारी रखना है।
