Tuesday, November 3, 2026
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रात के अंधेरे में कथित रेत का खेल! कटनी-उमरिया सीमा पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही के आरोप, विभागीय निगरानी पर उठे सवाल

उमरिया/कटनी— कटनी-उमरिया सीमा से लगे क्षेत्रों में रात के समय कथित रूप से हो रहे रेत परिवहन को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि सुखदास क्षेत्र से अमरपुर रोड होते हुए बड़छड़ की ओर रात के अंधेरे में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से रेत का परिवहन किया जा रहा है।स्थानीय स्तर पर सामने आए दावों के मुताबिक इस गतिविधि में युवा भी कथित रूप से शामिल हैं।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।सुखदास से बड़छड़ तक रात में आवाजाही का आरोपस्थानीय लोगों का दावा है कि रेत को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर अमरपुर रोड के रास्ते बड़छड़ की ओर ले जाया जाता है। आरोप है कि परिवहन का यह सिलसिला मुख्य रूप से रात के समय चलता है।

मामले में विचपुरा बीट और अमरपुर चौकी क्षेत्र में तैनात कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने दावा किया कि संबंधित अमले को गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।प्रति ट्रैक्टर कथित लेन-देन के आरोपसबसे गंभीर आरोप अमरपुर चौकी में पदस्थ एक आरक्षक को लेकर लगाए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि कथित रेत परिवहन के बदले प्रति ट्रैक्टर-ट्रॉली रकम लिए जाने और परिवहन में सहयोग किए जाने की बात कही जा रही है। यह गंभीर आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

यदि शिकायतें और साक्ष्य उपलब्ध हैं तो वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच किए जाने की आवश्यकता है।हफ्ता वसूली के आरोपों ने बढ़ाई गंभीरतास्थानीय लोगों ने कुछ प्रशासनिक तंत्र से जुड़े व्यक्तियों पर कथित रूप से रेत कारोबारियों से हफ्ता वसूली किए जाने के आरोप भी लगाए हैं। फिलहाल इन आरोपों के समर्थन में स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य सामने नहीं आए हैं।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि संबंधित विभागों तक वीडियो और अन्य सामग्री पहुंचाई गई है।

यदि ऐसी सामग्री उपलब्ध है तो उसकी तकनीकी एवं मैदानी जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जा सकती है।खबर सामने आते ही पत्रकार के परिजनों को फोन करने का आरोपमामले को लेकर एक और गंभीर दावा सामने आया है। आरोप है कि रेत कारोबार से जुड़ी खबर प्रकाशित या सामने आने के बाद पत्रकार के परिवार के सदस्यों को फोन कर परेशान करने का प्रयास किया जाता है।यदि किसी पत्रकार या उसके परिजनों को खबर रोकने अथवा दबाव बनाने के उद्देश्य से संपर्क किया गया है, तो इसकी भी अलग से जांच की जानी चाहिए। हालांकि, इस संबंध में भी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।युवा रेत कारोबार से जुड़ रहे हैं? उठी चिंतास्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कथित अवैध रेत परिवहन लगातार चलता रहा तो इससे युवाओं के इसके प्रति आकर्षित होने की आशंका बढ़ सकती है।

लोगों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि रात के समय संवेदनशील मार्गों पर निगरानी बढ़ाई जाए और संदिग्ध वाहनों की जांच की जाए।कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिसकर्मियों और रेत परिवहन से जुड़े युवाओं के बीच कथित नजदीकी संबंधों का दावा भी किया है। इन दावों की सत्यता जांच का विषय है।अधिकारियों ने कहा—जानकारी मिलने पर होगी जांचमामले को लेकर पुलिस, वन और खनिज विभाग के अधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास किया गया। कुछ अधिकारियों ने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की बात कही, जबकि कुछ अधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका।

अब सवाल विभागीय निगरानी परकटनी-उमरिया सीमा पर उठ रहे आरोपों के बीच सवाल यह है कि यदि रात में बड़े पैमाने पर रेत परिवहन हो रहा है तो संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था उसे क्यों नहीं पकड़ पा रही? और यदि शिकायतें व वीडियो विभागों तक पहुंच रहे हैं, तो उनकी जांच का परिणाम कब सामने आएगा?स्थानीय लोगों ने वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने, वाहनों की जांच तथा यदि किसी अधिकारी-कर्मचारी की संलिप्तता प्रमाणित होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

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