इंदौर/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर दौरे के बाद शहर कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी नाराजगी की बात सामने आ रही है। इस बार असंतोष शहर कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों के बीच बताया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर ब्लॉक अध्यक्षों ने बुधवार को बंद कमरे में बैठक कर पूरे मामले पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम के दौरान उनसे मुलाकात करने वाले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की सूची पहले से तैयार की गई थी। ब्लॉक अध्यक्षों का आरोप है कि अंतिम समय में सूची में बदलाव किए गए और कई जमीनी कार्यकर्ताओं के नाम हटा दिए गए।
‘नेताओं के समर्थकों को मिला मिलने का मौका’
ब्लॉक अध्यक्षों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी के इंदौर दौरे के दौरान ऐसे कई लोगों को उनसे मुलाकात का अवसर मिला, जिन्हें किसी न किसी वरिष्ठ नेता का समर्थक माना जाता है। वहीं, लंबे समय से संगठन के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाले कई कार्यकर्ता राहुल गांधी से मुलाकात नहीं कर सके। ब्लॉक अध्यक्षों का दावा है कि कार्यकर्ताओं की ओर से तैयार की गई सूची में कई नाम शामिल थे, लेकिन बाद में सूची में काट-छांट की गई। इसके लिए कांग्रेस की प्रदेश सह प्रभारी उषा नायडू की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर उषा नायडू की ओर से फिलहाल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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दिल्ली तक शिकायत पहुंचाने की तैयारी
इस घटनाक्रम को लेकर ब्लॉक अध्यक्षों में नाराजगी बढ़ने की बात कही जा रही है। बैठक में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों तक मामला पहुंचाने पर भी चर्चा हुई। ब्लॉक अध्यक्षों की ओर से इस मुद्दे की शिकायत पार्टी के केंद्रीय संगठन तक ले जाने की मंशा जताई गई है। उनका कहना है कि यदि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को पार्टी के शीर्ष नेताओं से संवाद का अवसर नहीं मिलेगा तो इससे संगठन के भीतर असंतोष बढ़ सकता है।
उषा नायडू के सामने भी रख सकते हैं अपनी बात
प्रदेश कांग्रेस की सह प्रभारी उषा नायडू के इंदौर दौरे के दौरान यह मुद्दा एक बार फिर उठने की संभावना है। बताया जा रहा है कि ब्लॉक अध्यक्ष उनके सामने अपनी नाराजगी रख सकते हैं और राहुल गांधी से मुलाकात के लिए तैयार की गई सूची में कथित बदलाव को लेकर स्पष्टीकरण मांग सकते हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले में कांग्रेस के आधिकारिक संगठन की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में बैठक में उठाए गए मुद्दों और आरोपों पर पार्टी नेतृत्व का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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