- श्री गौतम अदाणी द्वारा शुरू की गई बुनियादी स्तर की देशव्यापी इनोवेशन पहल, वंदे भारतम का समापन ग्रैंड फिनाले के साथ हुआ। इसमें MiCoB को ओवरऑल विजेता घोषित किया गया और 10 विजेता स्टार्टअप्स को कुल रु1.95 करोड़ की राशि मिली।
- पूरे सीज़न के दौरान, 54 फाइनलिस्ट ने शो के इन्वेस्टर्स और मेंटर्स के पैनल के समक्ष अपने आइडियाज़ पेश किए; इनमें से 44 को किसी न किसी तरह का फ़ायदा मिला। इन स्टार्ट-अप्स को पूंजी, मेंटरशिप, नेटवर्क और वंदे विंग्स सपोर्ट जैसे फायदे मिले हैं।
- मेंटर्स ने 12 स्टार्टअप्स के लिए कुल रु50 करोड़ की निवेश प्रतिबद्धता दी। MiCoB के लिए कल्याण कृष्णमूर्ति और आशुतोष वलानी द्वारा रु 30 करोड़ की प्रतिबद्धता इस सीज़न की सबसे बडी और भारतीय टीवी इतिहास की सबसे बड़ी पेशकश रही।
- 19 स्टार्टअप्स को वंदे विंग्स सम्मान दिया गया, साथ ही फाइनलिस्ट ग्रुप में मेंटरशिप, नेटवर्क, पायलट प्रोजेक्ट और महत्वपूर्ण लोगों के साथ परिचय जैसी सुविधाएँ बड़े पैमाने पर दी गईं।
नई दिल्ली: भारत के बुनियादी स्तर के इनोवेटर्स और एंटरप्रेन्योर्स को खोजने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए श्री गौतम अदाणी द्वारा शुरू की गई देशव्यापी पहल, वंदे भारतम का पहला सीज़न 19 सितंबर को ग्रैंड फिनाले के साथ संपन्न हुआ। फुल-स्टैक 3डी कंक्रीट प्रिंटिंग प्लेटफ़ॉर्म बनाने वाले गुजरात के कंस्ट्रक्शन-टेक्नोलॉजी स्टार्टअप MiCoB को सीज़न का ओवरऑल विजेता घोषित किया गया। इस जीत के साथ ही स्टार्ट-अप ने भारतीय टीवी इतिहास की सबसे बड़ी एकमात्र निवेश प्रतिबद्धता भी हासिल कर ली है। उन्हें फ्लिपकार्ट के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति और रेनी कॉस्मेटिक्स के संस्थापक आशुतोष वलानी से रु 110 करोड़ के प्री-मनी वैल्यूएशन पर रु30 करोड़ का निवेश मिला है।
निवेश की बात करें तो पूरे सीज़न के दौरान मेंटर्स ने 12 स्टार्टअप्स को कुल रु 50 करोड़ की पेशकश दी। पूंजी कैपिटल के अलावा, 19 स्टार्टअप्स को शो का खास सम्मान वंदे विंग्स दिया गया। साथ ही, फ़ाइनलिस्ट ग्रुप में से कई स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, नेटवर्किंग के मौके और पायलट प्रोजेक्ट्स के अवसर भी दिए गए। इससे पता चलता है कि इस सीज़न में सिर्फ़ एक बार फ़ंडिंग देने के बजाय लंबे समय तक सपोर्ट देने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
सीज़न के समापन पर अपने विचार व्यक्त करते हुए, अदाणी ग्रुप के चेयरमैन श्री गौतम अदाणी ने कहा “वंदे भारतम का उद्देश्य कभी भी किसी एक विजेता को चुनना नहीं था। बल्कि इसका उद्देश्य यह साबित करना था कि भारत की अगली पीढ़ी के निर्माता देश के हर कोने में मौजूद हैं, न कि सिर्फ बड़े शहरों में। दस एपिसोड्स के दौरान, हमने इस बात को 54 बार सच होते देखा। MiCoB की जीत और इस सीज़न में मिली रु 50 करोड़ की प्रतिबद्धता एक शुरुआत हैं, न कि अंत। मुझे विश्वास है कि इस मंच पर खड़े हर संस्थापक को एहसास हुआ होगा कि भारत उन्हें देख रहा है और उनका साथ देने के लिए तैयार है, फिर चाहे उन्हें कोई डील मिली हो या नहीं।’’
सीज़न के आंकड़ों पर एक नज़र
10 एपिसोड्स में, 54 फाइनलिस्ट ने निवेशकों, उद्यमियों और उद्योग जगत के लीडर्स के पैनल के समक्ष अपने आइडियाज़ पेश किए। इनमें से 44 स्टार्टअप्स को किसी न किसी तरह का फ़ायदा मिला जैसे निवेश, मेंटरशिप, नेटवर्क एक्सेस, पायलट प्रोजेक्ट के अवसर या शो का वंदे विंग्स सम्मान।
ग्रैंड फ़िनालेः विजेता
ग्रैंड फ़िनाले में दस स्टार्टअप्स को कुल पाँच रैंक और पाँच स्पेशल कैटेगरीज़ में सम्मानित किया गया, जिनके लिए कुल रु1.95 करोड़ (रु195 लाख) की पुरस्कार राशि रखी गई थी।
पांच स्पेशल-कैटेगरी अवॉर्ड्स- जो दिव्यांगों के समावेशन, महिलाओं के नेतृत्व वाले बिज़नेस, सस्टेनेबिलिटी और ग्रामीण आजीविका को प्रभावित करने वाले स्टार्टअप्स के लिए थे- उन्हें किसी प्रतिस्पर्धी रैंक के बजाय कैटेगरी के आधार पर सम्मानित किया गया।
