Tuesday, November 3, 2026
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राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस: AYUSH Doctor के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को ले सीएम मोहन यादव की बड़ी घोषणा

CM Mohan Yadav ने 11वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर भोपाल के खुशीलाल आयुर्वेद महाविद्यालय में आयुष चिकित्सकों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर आयुष मंत्री को समुचित निर्देश देने की घोषणा की। सीएम ने आयुष विभाग के 185.50 करोड़ लागत के 25 नए आयुष अस्पताल, औषधालय और महाविद्यालय के भवनों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इसमें 12 आयुष भवन और डिंडौरी जिले में स्थापित 102 करोड़ रुपए लागत का महाविद्यालय का शुभारंभ भी शामिल है।

कार्यक्रम में सीएम मोहन यादव ने कहा कि आयुर्वेद एकमात्र ऐसा इलाज है, जो बीमारी से पहले हमें स्वस्थ रखता है। हम बीमार होने पर ही इलाज क्यों ढूंढें। इसीलिए वेलनेस की संकल्पना रखी गई है। हमें अपनी दिनचर्या और खानपान के बल पर स्वयं को स्वस्थ रखने का प्रयास करना चाहिए। योग और आयुर्वेद आधारित जीवनशैली अपनाकर हम बिना किसी कठिनाई के निरोग रह सकते हैं।

राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर सीएम मोहन यादव ने क्या किया

स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर आयुष मंत्री को समुचित निर्देश देने की घोषणा
आयुष वेलनेस पर्यटन केंद्र के नामों का अनावरण, अब ये केंद्र आयुष आरोग्यम धाम के रूप में जाने जाएंगे।
प. खुशीलाल महाविद्यालय में स्थापित हर्बल गार्डन ऑफ स्टेट इंपोर्टेंस के जन प्रवेश का शुभारंभ

आयुष विभाग के बजट में 16 गुना वृद्धि

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पहला आयुर्वेदिक भवन 1916 में ग्वालियर में बना। उसके बाद 1972 में तीन भवन जबलपुर, इंदौर और उज्जैन में बने। फिर बुरहानपुर और 1995 में भोपाल में पंडित खुलीलाल महाविद्यालय की स्थापना की गई।

हमारी सरकार ने प्रदेश में 9 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय स्थापित करने की शुरुआत की है। राज्य सरकार ने वर्ष 2002-03 की तुलना में आयुष विभाग के बजट में 16 गुना वृद्धि की है। प्रमुख पर्यटन स्थलों पर वेलनेस सेंटर खोले गए हैं।

हम टूरिज्म के माध्यम से आयुष चिकित्सा पद्धति को प्रोत्साहित कर रहे हैं। वर्ष 2014 में आयुष का बाजार लगभग 3 बिलियन डॉलर था, जो अब 43 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। भारत की गौरवशाली अतीत पश्चिमी देशों में पुन: प्रतिष्ठित हो रहा है। इसी वर्ष स्कॉटलैंड में आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के महान ऋषि महर्षि चरक की प्रतिमा का अनावरण किया गया है।

मध्यप्रदेश में 8 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालयों के निर्माण कार्य जारी

आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि भारतीय चिकित्सा पद्धति के भविष्य में आयुर्वेद का अपना अलग स्थान होगा। व्यक्ति स्वस्थ रहे, इसके लिए हमें अपने किचन पर भी ध्यान देना पड़ेगा। किचन में संतुलित आहार की वस्तुएं उपलब्ध हो, इस ओर हम जागरुकता लाने के लिए काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में लगातार मेडिकल और आयुर्वेदिक महाविद्यालयों की संख्या बढ़ रही है।

प्रदेश में 2023 तक 7 आयुर्वेदिक और 2 होम्योपैथी व यूनानी पद्धति के महाविद्यालय थे। अभी 8 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालयों के निर्माण कार्य जारी है। एक और आयुर्वेदिक कॉलेज के लिए भारत सरकार से स्वीकृति मिली है। इस प्रकार से अब प्रदेश में आयुष विभाग के अंतर्गत तीनों चिकित्सा पद्धतियों के कुल 18 महाविद्यालय संचालित होंगे।

प्रदेश में 1700 से अधिक आयुर्वेदिक औषधालय चल रहे हैं। यहां आम नागरिकों को योग सिखाने के लिए कक्षाएं प्रारंभ की गई है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल के इलाज के लिए भी आयुर्वेदिक दवाएं बांटी जा रही है। आयुष इंटर्न्स को मिलने वाले स्टाइपेंड को मेडिकल स्टूडेंट्स के जैसे ही बढ़ाने की आवश्यकता है।

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