Tuesday, November 3, 2026
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Stock Market News: शेयर बाजार में आया भूचाल… निवेशकों के खरबों रुपए डूबे!

इंश्योरेंस कंपनियों पर सबसे ज्यादा असर

मुंबई/खबर डिजिटल/ भारतीय शेयर बाजार में 24 सितंबर 2026 को वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। बैंकिंग, फाइनेंस और इंश्योरेंस कंपनियों के शेयरों पर दबाव रहा। बाजार में कमजोरी की वजहों में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की कीमतों का दबाव शामिल रहा। इसके अलावा इंश्योरेंस सेक्टर के नियमों में प्रस्तावित बदलावों को लेकर बनी चिंता ने भी निवेशकों का रुख प्रभावित किया।

फाइनेंशियल काफी प्रभावित
इंट्राडे कारोबार के दौरान 12 प्रमुख फाइनेंशियल कंपनियों के मार्केट कैप में कुल ₹1.12 लाख करोड़ से अधिक की कमी दर्ज की गई। इनमें Bajaj Finance को सबसे बड़ा झटका लगा। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹29,000 करोड़ घट गया। इसके बाद PB Fintech के मार्केट कैप में लगभग ₹20,000 करोड़ और HDFC Bank में करीब ₹15,000 करोड़ की कमी आई। वहीं Axis Bank का मार्केट कैप लगभग ₹14,000 करोड़ घटा।

इंश्योरेंस शेयरों में भी भारी दबाव
इंश्योरेंस कंपनियों के शेयरों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। HDFC Life का मार्केट कैप करीब ₹7,600 करोड़, Max Financial का लगभग ₹6,800 करोड़ और ICICI Prudential Life का करीब ₹3,000 करोड़ कम हुआ। वहीं Turtlemint के मार्केट कैप में लगभग ₹802 करोड़ की कमी आई। इन चार इंश्योरेंस कंपनियों को मिलाकर करीब ₹38,100 करोड़ का मार्केट कैप कम हुआ। इसके अलावा L&T Finance का मार्केट कैप करीब ₹6,200 करोड़ घटा। IndusInd Bank, IDFC First Bank और AU Small Finance Bank के मार्केट कैप में भी लगभग ₹3,000 करोड़ की कमी देखने को मिली।

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कमीशन में बदलाव की आशंका से बढ़ी चिंता
बाजार में इंश्योरेंस सेक्टर को लेकर एक प्रमुख चिंता प्रस्तावित कमीशन व्यवस्था से जुड़ी है। अगर पॉलिसी बिक्री पर मिलने वाले कमीशन की सीमा कम होती है, तो इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूटर्स की प्रति पॉलिसी कमाई प्रभावित हो सकती है। इसका असर उन कंपनियों पर पड़ सकता है, जिनका कारोबार इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन पर अधिक निर्भर है। ब्रोकरेज फर्म Bernstein के मुताबिक प्रस्तावित कमीशन कटौती उसकी अपेक्षा से अधिक है और इसका असर PB Fintech जैसी कंपनियों पर पड़ सकता है। Bernstein ने यह भी आशंका जताई है कि हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस की ग्रोथ पर दबाव आ सकता है। हालांकि, ब्रोकरेज के अनुसार डिस्ट्रीब्यूशन लागत में कमी का कुछ लाभ आगे चलकर ग्राहकों तक पहुंच सकता है। इससे पॉलिसियों की कीमतों और बिक्री पर सकारात्मक असर पड़ने की संभावना भी बताई गई है।

अलग-अलग डिस्ट्रीब्यूशन चैनलों पर अलग असर
Macquarie के आकलन के मुताबिक प्रस्तावित व्यवस्था का प्रभाव इंश्योरेंस बेचने वाले अलग-अलग चैनलों पर एक जैसा नहीं होगा। वहीं Jefferies ने अनुमान लगाया है कि कमीशन दरों में 10 प्रतिशत की कटौती होने पर PB Fintech और Turtlemint की कमाई में करीब 10-12 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इस बीच वित्तीय शेयरों में आई गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अब बाजार की नजर इंश्योरेंस सेक्टर के प्रस्तावित नियमों और उनके अंतिम स्वरूप पर रहेगी, क्योंकि इससे कंपनियों की कमाई, डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल और पॉलिसी बिक्री पर असर पड़ने की संभावना का आकलन किया जा रहा है।

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