Jabalpur Crime News: जबलपुर के पनागर थाना क्षेत्र में एक बड़े नकबजनी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने सूने मकान से 45 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात चोरी करने वाले तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में दो सगे भाई और एक महिला शामिल हैं।
यह सनसनीखेज वारदात 11 सितंबर की रात लमती निवासी गगन शर्मा के सूने मकान में हुई थी, जब वे अपने परिवार को स्टेशन छोड़ने और रिश्तेदारों के यहाँ गए हुए थे। अगले दिन पड़ोसी की सूचना पर पहुँचे पीड़ित ने देखा कि चैनल गेट का कुंदा कटा था
और अलमारी से सोने के मंगलसूत्र, चूड़ियां, हार, झुमकी, चेन, ब्रेसलेट और अंगूठियों समेत भारी मात्रा में कीमती गहने गायब थे। शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
परिवार को स्टेशन छोड़ने गया था परिवार
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने जब पनागर-जबलपुर रोड पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की, तो रात के अंधेरे में एक नीला ऑटो संदिग्ध स्थिति में नजर आया। ऑटो के आगे लगे ‘केपरी गोल्ड लोन’ के विज्ञापन वाले हुड और रात के 1 बजे जलती टॉर्च की रोशनी ने पुलिस को गिरोह तक पहुँचने का पहला अहम सुराग दिया।
इसके बाद साइबर सेल और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया, जिसकी मदद से पुलिस आरोपियों के ठिकाने तक पहुँचने में कामयाब रही। संदिग्धों की पहचान ग्राम केवलारी निवासी आशीष चौबे, उसके भाई अभिषेक चौबे और आशीष की पत्नी ज्योति चौबे के रूप में हुई।
ऑटो, टॉर्च और हुड से मिला सुराग
कड़ाई से की गई पूछताछ में मुख्य आरोपी आशीष चौबे ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि नशे की लत को पूरा करने के लिए उसने दो दिनों तक सूने घर की रेकी की थी। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने चोरी किए गए सारे जेवर अपनी पत्नी ज्योति चौबे के पास छिपा दिए थे और इस साजिश में अपने भाई अभिषेक को भी शामिल कर लिया था।
पुलिस ने तीनों आरोपियों की निशानदेही पर लगभग 30 तोले सोने के बेशकीमती जेवरात अनुमानित कीमत 45 लाख रुपये, घटना में इस्तेमाल किया गया ऑटो और सब्बल जब्त कर लिया है। सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
