खबर डिजिटल कटनी— जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए बड़वारा पुलिस, खनिज एवं राजस्व विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए महानदी के पांच घाटों पर जेसीबी से गड्ढे खुदवाकर अवैध परिवहन के रास्ते बंद करा दिए। ग्राम गुड़ाकलां, विलायतखुर्द, देवरी, भदौरी नंबर-01 और बसाड़ी के घाटों पर की गई इस कार्रवाई को प्रशासन अपनी बड़ी उपलब्धि बता रहा है, लेकिन सवाल यह है कि क्या रास्तों पर गड्ढे खुदवा देने भर से अवैध रेत कारोबार पर पूरी तरह लगाम लग पाएगी?क्षेत्र में लंबे समय से महानदी के विभिन्न घाटों से रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में अब विभागों की संयुक्त कार्रवाई के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन घाटों पर आगे भी निगरानी जारी रहती है या कुछ दिनों बाद फिर से अवैध परिवहन का सिलसिला शुरू हो जाता है।सिर्फ रास्ते बंद करना काफी नहीं, निगरानी भी जरूरीजेसीबी से रास्ते बंद कराना निश्चित तौर पर अवैध परिवहन रोकने की दिशा में एक कदम है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इन पांच घाटों पर नियमित निगरानी करेगा? क्या अवैध रेत उत्खनन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों और मशीनों पर भी लगातार कार्रवाई होगी? यदि रास्ते बंद होने के बाद दूसरे रास्तों से परिवहन शुरू हो जाता है, तो इस कार्रवाई का उद्देश्य अधूरा रह सकता है।अब कार्रवाई के परिणाम पर रहेगी नजरपुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं डीएसपी मुख्यालय रत्नेश मिश्रा के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई में तहसीलदार बड़वारा ऋषि गौतम, खनिज अधिकारी पवन कुशवाहा और थाना प्रभारी सुयश पाण्डेय की प्रमुख भूमिका रही।अब देखना होगा कि संयुक्त विभागीय कार्रवाई केवल रास्तों पर गड्ढे खुदवाने तक सीमित रहती है या महानदी के घाटों से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर वास्तव में स्थायी अंकुश लगाने के लिए जिम्मेदार विभाग लगातार सख्ती दिखाते हैं।
पांच घाटों पर गड्ढे खुदवाकर प्रशासन ने निभाई जिम्मेदारी, लेकिन अवैध रेत कारोबार पर स्थायी रोक कब?
सम्बंधित ख़बरें
