Tuesday, November 3, 2026
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गोदरेज लिटरेचर लाइव! मुंबई लिटफेस्ट 2026 का भव्य समापन, साहित्य की दिग्गज हस्तियों को मिला सम्मान

  • उत्सव के समापन समारोह में प्रदान किए गए ‘गोदरेज लिटरेचर लाइव! लिटरेरी अवार्ड्स‘

मुंबई: गोदरेज लिटरेचर लाइव! मुंबई लिटफेस्ट का समापन साहित्य, कारोबार, मीडिया, रंगमंच, कला और मनोरंजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर आयोजित खचाखच भरे सत्रों के साथ हुआ। समापन समारोह में प्रतिष्ठित ‘गोदरेज लिटरेचर लाइव! लाइफटाइम अचीवमेंट’ पुरस्कार और कथा साहित्य, गैर-कथा साहित्य तथा व्यावसायिक लेखन में उत्कृष्टता के लिए साहित्य पुरस्कार प्रदान किए गए।

गोदरेज लिटरेचर लाइव! लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार वरिष्ठ उपन्यासकार इरविन एलन सीली को दिया गया, जबकि प्रतिष्ठित हिंदी कवयित्री गगन गिल को इस वर्ष गोदरेज लिटरेचर लाइव! पोएट लॉरिएट के सम्मान से नवाजा गया।

गोदरेज लिटरेचर लाइव! साहित्य पुरस्कार विभिन्न विधाओं में साहित्यिक उत्कृष्टता का सम्मान करते हैं। इनके माध्यम से स्थापित और उभरते, दोनों तरह के लेखकों की उपलब्धियों को मान्यता दी जाती है।

इस वर्ष राहुल भट्टाचार्य की पुस्तक रेलसॉन्ग: ए नॉवेल (ब्लूम्सबरी इंडिया) को गोदरेज लिटरेचर लाइव! बुक ऑफ द ईयर – फिक्शन पुरस्कार मिला। वहीं, गजाला वहाब की पुस्तक द हिंदी हार्टलैंड: ए स्टडी (अलेफ बुक कंपनी) को गोदरेज लिटरेचर लाइव! बुक ऑफ द ईयर – नॉन-फिक्शन चुना गया। दीपिका अरविंद की पुस्तक गुड आर्ग्युमेंट्स (साइमन एंड शूस्टर इंडिया) को गोदरेज लिटरेचर लाइव! बेस्ट फर्स्ट बुक – फिक्शन पुरस्कार दिया गया। वहीं, तनुल ठाकुर की पुस्तक वाइल्ड वाइल्ड ईस्ट: एग्जाइल्ड अमेरिकन्स, एनस्लेव्ड इंडियन्स एंड द सिस्टेमिक अब्यूज ऑफ द एच-1बी वीजा प्रोग्राम (वेस्टलैंड बुक्स/कॉन्टेक्स्ट) को गोदरेज लिटरेचर लाइव! बेस्ट फर्स्ट बुक – नॉन-फिक्शन पुरस्कार मिला।

आदिल रुस्तमजी की पुस्तक रनिंग बिहाइंड लक्ष्मी: द सर्च फॉर वेल्थ इन इंडियाज स्टॉक मार्केट (हैशेट इंडिया) को गोदरेज लिटरेचर लाइव! बिजनेस बुक ऑफ द ईयर पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं, वेस्टलैंड को गोदरेज लिटरेचर लाइव! पब्लिशर ऑफ द ईयर चुना गया।

अपने लगातार 17वें वर्ष में, मुंबई के इस एकमात्र अंतरराष्ट्रीय लिटफेस्ट ने शब्दों की कारीगरी, शिल्प और जादू का सच्चा उत्सव मनाया। 18 देशों के 130 उपन्यासकारों, कवियों, लेखकों, विचारकों और कलाकारों ने 40 से अधिक सत्रों में पूरी तरह भरे सभागारों के दर्शकों से संवाद किया, जिससे यह महोत्सव बेहद सफल रहा। विख्यात अभिनेता शबाना आज़मी, अनाहिता उबेरॉय और कुणाल विजयकर ने प्रतिष्ठित सुल्तान पदमसी प्लेराइटिंग अवार्ड्स के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए नाटकों के अंश पढ़कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

गुलजार साहब, जावेद अख्तर और पोएट लॉरिएट गगन गिल ने श्रोताओं का दिल जीत लिया और एनसीपीए (NCPA) के बगीचों में नई पीढ़ी के उभरते कवियों को माइक थामने के लिए प्रेरित किया। इरविन एलन सीली ने साथी दिग्गज साहित्यकारों शांता गोखले और जेरी पिंटो के साथ मिलकर कई दिलचस्प सत्रों में भाग लिया, जिनमें डेब्यू फिक्शन, क्राइम फिक्शन, लघुकथाएं, इकोलॉजिकल फिक्शन और ग्राफिक उपन्यास शामिल थे। प्रमुख अभिनेत्री शेफाली शाह ने महोत्सव में अपनी पुस्तक का विमोचन किया, जहां फिक्शन, कविता, पत्रकारिता और मुंबई से जुड़े नौ अन्य बहुप्रतीक्षित शीर्षकों का भी लोकार्पण किया गया।

प्रमुख विचारकों रामचंद्र गुहा, शशि थरूर और पवन वर्मा ने आज के मुद्दों के संदर्भ में इतिहास और दर्शन की प्रासंगिकता पर चर्चा की। वहीं, अनुराग माइनस वर्मा और रिया चोपड़ा ने सोशल मीडिया, इंटरनेट और पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों पर विचार रखे।

प्रख्यात अर्थशास्त्री कौशिक बसु ने महोत्सव के उद्घाटन और समापन के दिनों में आयोजित सत्रों में हिस्सा लिया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के भविष्य में पड़ने वाले प्रभाव सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। अर्थव्यवस्था से जुड़ी चर्चाओं में कारोबारी नेतृत्व और महिला उद्यमियों पर आयोजित सत्र भी शामिल रहे।

पैरा-एथलीट आरती पाटिल ने अपने संबोधन से दर्शकों को प्रभावित किया। दर्शकों ने भारतीय पैरालंपिक खेलों में खिलाड़ियों के संघर्ष, समर्पण और प्रतिभा की सराहना की।

खोजी और जमीनी पत्रकारिता के लिए पहचानी जाने वाली खबर लहरिया की कविता बुंदेलखंडी और वरिष्ठ पत्रकार हरिंदर बवेजा ने कठिन परिस्थितियों में रिपोर्टिंग के अपने रोमांचक अनुभव साझा किए। प्रमुख डॉक्टरों ने चिकित्सा से आगे बढ़कर मरीजों को राहत देने और मानवीय संवेदना के महत्व पर बात की। इस दौरान सभागार में मौजूद लोग भावुक नजर आए। नमन आहूजा ने कला और संस्कृति पर विस्तार से जानकारी दी, जिसे दर्शकों ने पूरे ध्यान से सुना।

‘द ग्रेट डिबेट’ का रुख बिग टेक के पक्ष में रहा। रेडियो पर्सनालिटी ऋषी के (Hrishi K) द्वारा कुशलतापूर्वक संचालित सत्र ‘द बुक इन फोकस’ में कई जीवंत और विचारोत्तेजक दृष्टिकोण सामने आए। अंतरराष्ट्रीय कलाकारों द्वारा आयोजित सात कार्यशालाओं और तीन सशक्त नाट्य व संगीत प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बना दिया, जहां समुद्र किनारे आयोजित मुंबई के इस लिटफेस्ट में हजारों की संख्या में लोग उमड़े। ‘Campus@360’ पहल के तहत कॉलेजों में भी संपर्क कार्यक्रम आयोजित किए गए।

7 से 13 वर्ष के बच्चों के लिए समानांतर रूप से आयोजित ‘द लिटिल फेस्टिवल’ में मुंबई के कई स्कूलों और गैर-सरकारी संगठनों के बच्चों की हंसी और उत्साह से पूरा एनसीपीए परिसर गूंज उठा। बच्चों ने प्रकृति, संगीत, नृत्य, ट्रेजर हंट, नक्शा बनाने और अंतरिक्ष तक एक भारतीय गायिका की आवाज पहुंचने जैसी अनोखी कहानियों और सत्रों में भाग लिया। इस दौरान बच्चों के लिए छह कार्यशालाएं, एक पिनोकियो प्रदर्शनी और एक म्यूजिकल नाटक भी प्रस्तुत किया गया।

एनसीपीए के सहयोग से और फ्लोरिनट्री (Florintree) द्वारा संचालित ‘गोदरेज लिटरेचर लाइव! द मुंबई लिटफेस्ट’ 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक नरीमन पॉइंट स्थित एनसीपीए में आयोजित किया गया। वहीं, एचटी पारेख फाउंडेशन के सहयोग से ‘द लिटिल फेस्टिवल’ उसी स्थान पर 22 से 24 अक्टूबर तक आयोजित हुआ।

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