- दो प्रकार के 2,583 मालवाहक वैगनों—बॉक्सएनएचएल और बॉक्सएनएस—की आपूर्ति के लिए 1,140 करोड़ रुपये का संयुक्त ऑर्डर।
- निजी क्षेत्र में माल परिवहन कंपनियों, वैगन लीज पर देने वाली कंपनियों और प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के ग्राहकों से मजबूत ऑर्डर बुक।
- वित्त वर्ष 2027 की चौथी तिमाही में लगभग 2,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त ऑर्डर मिलने की उम्मीद।
मुंबई: भारत की प्रमुख रेल डिब्बा निर्माण और परिवहन समाधान कंपनियों में से एक, जुपिटर वैगन्स लिमिटेड (जेडब्ल्यूएल) को रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) से 2,583 मालवाहक वैगनों के निर्माण और आपूर्ति का ऑर्डर मिला है। करों सहित इस ऑर्डर का कुल मूल्य 1,140 करोड़ रुपये है। यह ऑर्डर भारतीय रेलवे के वैगन खरीद कार्यक्रम के तहत कंपनी के लगातार बेहतर कार्य निष्पादन और समय पर आपूर्ति करने की क्षमता में भरोसे को दर्शाता है।
भारतीय रेलवे के कारोबार के साथ-साथ जुपिटर वैगन्स की निजी क्षेत्र की ऑर्डर बुक भी मजबूत बनी हुई है। निजी माल परिवहन कंपनियों, वैगन लीज पर देने वाली कंपनियों और प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के ग्राहकों से लगातार मिल रही मांग से कंपनी को समर्थन मिल रहा है। सरकारी और निजी क्षेत्र, दोनों से मिलने वाली मांग का यह संतुलन कंपनी के ऑर्डर आधार को विविध और मजबूत बनाए रखता है।
मौजूदा ऑर्डर मिलने के बाद जुपिटर वैगन्स को वित्त वर्ष 2027 की चौथी तिमाही में लगभग 2,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
रेल क्षेत्र में निकट भविष्य में मांग की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं। रेल मंत्रालय ने हाल ही में 5,800 बीओबीआरएन वैगनों की खरीद के लिए निविदा जारी की है, जिससे इस क्षेत्र में मांग को और गति मिलने की उम्मीद है।
ऑर्डर पर टिप्पणी करते हुए जुपिटर वैगन्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री विवेक लोहिया ने कहा, “भारतीय रेलवे जिस बड़े पैमाने और तेज गति से माल ढुलाई की क्षमता बढ़ा रहा है, वैसा पहले देश में देखने को नहीं मिला है। यह ऑर्डर मंत्रालय के उस भरोसे को दर्शाता है, जो उसे हमारी काम पूरा करने और आपूर्ति करने की क्षमता पर है। पिछले कई वर्षों में हमने वैगन निर्माण की पूरी आपूर्ति श्रृंखला में अपनी पकड़ मजबूत की है। ढलाई के पुर्जों और बोगियों से लेकर कपलर और ब्रेक प्रणालियों तक, हमने उत्पादन के विभिन्न चरणों को अपने नियंत्रण में लिया है। अब ओडिशा स्थित अपनी विनिर्माण इकाई के माध्यम से हम इस विस्तार को पहियों के पूरे सेट (व्हीलसेट) तक ले जा रहे हैं। इससे हमें लागत, गुणवत्ता और आपूर्ति की समय-सीमा पर बेहतर नियंत्रण मिलता है। निजी क्षेत्र में हमारी ऑर्डर बुक मजबूत बनी हुई है और हमें अगली तिमाही में लगभग 2,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। इससे भविष्य के कारोबार को लेकर हमें अच्छी स्पष्टता मिलती है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में भारत जब माल ढुलाई का बड़ा हिस्सा रेल के माध्यम से ले जाने की ओर बढ़ रहा है, तब हम इस कार्यक्रम की जरूरतों के अनुरूप अनुशासित और प्रभावी ढंग से काम पूरा करने के लिए तैयार हैं।”
यह ऑर्डर राष्ट्रीय रेल योजना के तहत माल ढुलाई में रेलवे की हिस्सेदारी बढ़ाने के भारत सरकार के उद्देश्य को समर्थन देता है। बड़े पैमाने पर वैगनों की खरीद, समर्पित माल ढुलाई गलियारों (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) और पीएम गति शक्ति योजना के साथ मिलकर देश में तेज, अधिक कुशल और आत्मनिर्भर माल परिवहन नेटवर्क विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
