Tuesday, November 3, 2026
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IRGMA ने आयात किए जाने वाले मेडिकल ग्लव्स के सुरक्षा मानदंडों के उल्लंघन को देखते हुए देशभर में कड़ी कार्रवाई की मांग की

~ इस दिशा में नियामक निकायों के हस्तक्षेप के साथ-साथ नियमों का पालन नहीं करने वाले चार बड़े आयातकों को ब्लैक लिस्ट करने और भारी जुर्माना लगाकर कठोर दंड देने की मांग की गई है ~

मुंबई : इंडियन रबर ग्लव्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (IRGMA) ने प्रतिबंधित मेडिकल ग्लव्स के खिलाफ अपनी लड़ाई को और तेज कर दिया है, जिन्हें गैरकानूनी रूप से भारत में आयात किया जा रहा है। इस तरह के निम्न-गुणवत्ता वाले ग्लव्स स्वास्थ्य कर्मियों, मरीजों और उनके देखभालकर्ताओं के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं।

IRGMA ने ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को एक औपचारिक शिकायत दी है, जिसमें चार बड़े आयातकों पर सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन करने, गलत लेबलिंग करने और मेडिकल डिवाइस नियम, 2017 तथा लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट, 2009 के प्रावधानों को नज़रअंदाज करने का आरोप लगाया गया है। इन उल्लंघनों में शामिल हैं:

  • समाप्ति तिथि वाले और गलत तरीके से लेबल किए गए ग्लव्स का आयात
  • अस्वच्छ माहौल में दोबारा पैकेजिंग
  • गलत प्रमाणन प्रदान करना, जिससे कीमोथेरेपी और रेडिएशन प्रक्रियाओं की सुरक्षा को खतरा है

IRGMA के प्रवक्ता, श्री विकास आनंद ने कहा, “नियमों के ढीले पालन की वजह से ही असुरक्षित मेडिकल ग्लव्स भारतीय बाजार में आ रहे हैं। यदि इन पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह न केवल लोगों की जान के लिए खतरा बनेगा, बल्कि घरेलू निर्माताओं को भी भारी नुकसान होगा।”

IRGMA के जांच-परिणामों से सामने आए मुख्य मुद्दे:

  • समाप्ति तिथि वाले ग्लव्स को अस्वच्छ माहौल में दोबारा पैक किया जा रहा है।
  • आयातित ग्लव्स में 18 से 20 खतरनाक रसायन होते हैं, जो उन्हें चिकित्सा उपयोग के लिए अनुपयुक्त बनाते हैं।
  • गलत तरीके से CE और ISO 13485 प्रमाणन का उपयोग कर खरीदारों को गुमराह किया जा रहा है।
  • टैक्स चोरी करने के लिए कंपनियां शिपमेंट का कम बिल बना रही हैं।
  • बिना उचित विसंक्रमण के, ग्लव्स को चीनी की थैलियों में लाया जाता है।
  • विदेशी आपूर्तिकर्ता ASEAN मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का दुरुपयोग कर भारत में घटिया ग्लव्स भेज रहे हैं।

भारतीय बाज़ार पर असर:

मलेशिया और अमेरिका से ₹1 मिलियन से ₹6.6 मिलियन मूल्य के निम्न-गुणवत्ता वाले मेडिकल ग्लव्स बिना उचित नियामक स्वीकृति के भारतीय बाजार में प्रवेश कर रहे हैं। ये उत्पाद एमआरपी, मूल देश और प्रमाणन जानकारी के बिना बेचे जा रहे हैं और GST कर चोरी कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

IRGMA की मांगें:

  • ब्लैकलिस्ट किए जाने वाले चार प्रमुख आयातकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई
  • घटिया गुणवत्ता वाले ग्लव्स पर तत्काल प्रतिबंध
  • एमआरपी, मूल देश और प्रमाणन जानकारी की अनिवार्य घोषणा
  • FTA की खामियों को दूर कर अस्वीकृत दस्तानों के आयात पर रोक

IRGMA का उद्देश्य:

IRGMA सुनिश्चित करना चाहता है कि भारतीय बाजार में केवल सुरक्षित और उच्च-गुणवत्ता वाले मेडिकल दस्ताने ही उपलब्ध हों। संगठन नियामक प्राधिकरणों के साथ मिलकर काम कर रहा है और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा की रक्षा के लिए नियमों के सख्त अनुपालन की मांग कर रहा है।

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