मुंबई: डीसीबी बैंक लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2025 (FY2025) और इसकी अंतिम तिमाही (Q4FY2025) के लेखापरीक्षित परिणामों की घोषणा कर दी है। बैंक के निदेशक मंडल ने ये नतीजे 25 अप्रैल 2025 को मुंबई में आयोजित बैठक में मंज़ूर किए। इसके साथ ही वैधानिक ऑडिट रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई, जो ‘वर्मा एंड वर्मा’ और ‘बीएसआर एंड कंपनी एलएलपी’ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स द्वारा तैयार की गई है।
प्रमुख बातें:
🔹 तिमाही लाभ में 14% की बढ़ोतरी:
Q4 FY2025 में डीसीबी बैंक का शुद्ध लाभ ₹177 करोड़ रहा, जो पिछली साल की समान तिमाही (₹156 करोड़) के मुकाबले 14% अधिक है।
🔹 वर्षभर का मुनाफा 15% बढ़ा:
FY2025 में बैंक ने ₹615 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया, जबकि FY2024 में यह ₹536 करोड़ था। यानी 15% की सालाना बढ़त दर्ज की गई।
🔹 अग्रिम और जमा में तेज़ वृद्धि:
बैंक की अग्रिम (Advances) में साल-दर-साल 25% की बढ़ोतरी हुई। इसमें बंधक ऋण 21%, सह-उधार 117%, निर्माण क्षेत्र 38% और कृषि व समावेशी बैंकिंग में 14% की वृद्धि शामिल है। वहीं, जमा (Deposits) में 22% की सालाना वृद्धि देखी गई।
🔹 एनपीए में सुधार जारी:
31 मार्च 2025 तक सकल एनपीए 2.99% और शुद्ध एनपीए 1.12% रहा। प्रावधान कवरेज अनुपात (PCR) 74.48% दर्ज किया गया, जो गोल्ड लोन एनपीए को छोड़कर 75.22% तक पहुंचता है।
🔹 मजबूत पूंजी स्थिति:
पूंजी पर्याप्तता अनुपात (Capital Adequacy Ratio) 31 मार्च 2025 तक 16.77% रहा, जिसमें टियर I 14.30% और टियर II 2.47% रहा। यह अनुपात बेसल III मानकों के अनुसार है।
बैंक की रणनीति और भरोसा:
डीसीबी बैंक के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री प्रवीण कुट्टी ने कहा:
“हमारी ऋण और जमा वृद्धि स्थिर बनी हुई है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन स्थिर हो रहा है और फीस इनकम में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उत्पादकता में सुधार से हमारी लागत दक्षता बेहतर हुई है। चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद हमारी पोर्टफोलियो गुणवत्ता में सुधार उत्साहजनक है। हमें भरोसा है कि उठाए गए कदमों का असर आगे भी सकारात्मक रहेगा।”
