मुंबई/गुवाहाटी: स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और भारत के 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को समर्थन देने की दिशा में गोदरेज एंटरप्राइज़ेस ग्रुप ने असम में एक 2 मेगावाट पीक मल्टी-फॉर्मेट सोलर प्लांट स्थापित करने की घोषणा की है। यह सोलर परियोजना गुवाहाटी में एक अग्रणी एफएमसीजी कंपनी की सुविधा में लगाई जाएगी।
इस प्लांट से हर साल करीब 24 लाख यूनिट हरित ऊर्जा उत्पन्न होगी और 98.4 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। साथ ही, सुविधा को सालाना लगभग ₹1.4 करोड़ की ऊर्जा लागत में बचत होगी।
🔹 प्रमुख तथ्य:
- यह गोदरेज की एफएमसीजी क्षेत्र में पहली बड़ी सौर EPC परियोजना है।
- प्लांट की अनुमानित उम्र 25 वर्ष, और जीवनकाल में कुल 57,000 MWh ऊर्जा उत्पादन की उम्मीद।
- परियोजना असम की नवीकरणीय ऊर्जा नीति 2025 के अनुरूप है, जिसमें 2,000 मेगावाट ग्रीन एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य है।
गोदरेज एंटरप्राइज़ेस के EVP राघवेंद्र मिरजी ने कहा:
“औद्योगिक क्षेत्र अब समझ रहा है कि नवीकरणीय ऊर्जा न केवल पर्यावरणीय ज़रूरत है, बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी फायदेमंद है। यह परियोजना हमारे सौर पोर्टफोलियो में एक अहम उपलब्धि है।”
⚡ सौर ऊर्जा क्षेत्र में गोदरेज की अन्य प्रमुख परियोजनाएं:
- मध्य प्रदेश: 12.5 मेगावाट पीक रूफटॉप सोलर प्लांट (भारत का तीसरा सबसे बड़ा)
- महाराष्ट्र (धुले): 25 मेगावाट ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्रोजेक्ट, अनुमानित उत्पादन: 45 मिलियन यूनिट प्रति वर्ष
गोदरेज का यह प्रयास पूर्वोत्तर भारत में निजी क्षेत्र की भागीदारी से स्वच्छ ऊर्जा विस्तार की दिशा में एक अहम योगदान माना जा रहा है।
