मुंबई। देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। बैंक ने 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष में ₹19,581 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो कि पिछले साल की तुलना में 10.1% ज्यादा है। यह अब तक का सबसे ऊंचा वार्षिक लाभ है।
बैंक का कुल वैश्विक कारोबार ₹27 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है। इस साल बैंक की गैर-ब्याज आमदनी में भी 14.8% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो कि ₹16,647 करोड़ रही।
मजबूत बैलेंस शीट, एनपीए में ऐतिहासिक गिरावट
बैंक का सकल एनपीए 2.26% और शुद्ध एनपीए 0.58% तक आ गया है, जो पिछले 13 वर्षों का सबसे निचला स्तर है। प्रावधान कवरेज अनुपात (PCR) TWO सहित 93.29% पर मजबूत बना हुआ है।
रिटेल लोन में जोरदार बढ़त
बैंक की रिटेल लोन बुक में 19.4% की वार्षिक वृद्धि देखी गई है। ऑटो लोन, होम लोन, एजुकेशन लोन और MSME लोन सेगमेंट में भी दो अंकों की मजबूती दर्ज की गई है।
अन्य मुख्य आँकड़े:
- वैश्विक अग्रिम: ₹12.30 लाख करोड़ (12.8% की वृद्धि)
- घरेलू जमाएं: ₹12.42 लाख करोड़ (9.3% की वृद्धि)
- वैश्विक NIM: 3.02%, घरेलू NIM: 3.18%
- ROA: 1.16%, ROE: 16.96%
- स्लिपेज रेश्यो घटकर 0.78% पर आया
बैंक ने घोषित किया 418% डिविडेंड
बैंक ऑफ बड़ौदा के बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए 418% का लाभांश घोषित करने की सिफारिश की है। हालांकि, यह नियामकीय मंजूरी पर निर्भर करेगा।
बैंक ऑफ बड़ौदा के बारे में:
बैंक ऑफ बड़ौदा भारत का एक अग्रणी सरकारी बैंक है, जिसकी स्थापना 1908 में हुई थी। देश में इसकी 8,400 से अधिक शाखाएं और 10,900 से ज्यादा एटीएम हैं। बैंक 17 देशों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है।
