लुधियाना, पंजाब: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7 जुलाई 2025 को लुधियाना, पंजाब में आयोजित ‘मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं’ पर इंटरैक्टिव सत्र को संबोधित करते हुए उद्योगपतियों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर उन्होंने मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों, निवेशक-अनुकूल वातावरण और प्रगति के अवसरों पर प्रकाश डाला।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से प्रगति कर रहा है और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने पंजाब को वीरों और गुरु परंपरा की धरती बताते हुए लुधियाना की तुलना ‘पंजाब का मैनचेस्टर’ से की, जो अपनी औद्योगिक विरासत, विशेष रूप से टेक्सटाइल और साइकिल निर्माण के लिए प्रसिद्ध है।

डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और पंजाब को ‘बिछुड़े भाई’ बताते हुए कहा, “पंजाब बड़ा भाई है और मध्यप्रदेश छोटा भाई। अब हम मिलकर कार्य करेंगे।” उन्होंने उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश में निवेश कर एक फैक्ट्री स्थापित करने का आह्वान किया, यह विश्वास जताते हुए कि राज्य सरकार सभी निवेशकों का स्वागत करेगी और उनकी हरसंभव मदद करेगी।उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार की निवेशक-हितैषी नीतियों पर जोर देते हुए बताया कि टेक्सटाइल सेक्टर के औद्योगिक श्रमिकों की सैलरी में सरकार 5,000 रुपये की सहायता प्रदान करेगी। साथ ही, स्कूली बच्चों के लिए साइकिल वितरण योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि ये साइकिलें पंजाब में निर्मित होती हैं, जो दोनों राज्यों के सहयोग को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की खनिज संपदा का जिक्र करते हुए कहा कि शहडोल में आयरन, पन्ना में हीरा और सिंगरौली में सोने की खदानें निवेश की अपार संभावनाएं प्रदान करती हैं। उन्होंने बताया कि इस साल फरवरी में भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) में मध्यप्रदेश को 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे।

डॉ. यादव ने लुधियाना के वर्धमान टेक्सटाइल और दीपक फास्टनर जैसे प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों का दौरा किया और ट्राइडेंट ग्रुप के मुख्यालय में हाई-टी इंटरएक्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने उद्योगपतियों के साथ संभावित निवेश और साझेदारी पर चर्चा की, जिसमें पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल ओडीओपी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और लॉजिस्टिक्स-सक्षम क्लस्टर्स जैसे विषय शामिल थे।उन्होंने कहा, “उद्योगपतियों का कार्य पवित्र है, क्योंकि यह न केवल उनके परिवार का पोषण करता है, बल्कि गरीबों के जीवन में भी उजाला लाता है।”
उन्होंने भारत की ऐतिहासिक आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि 1947 में आजादी के समय भारत विश्व में 15वें स्थान पर था, लेकिन आज यह तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है।लुधियाना में यह रोड शो और इंटरैक्टिव सत्र मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं और निवेश-अनुकूल माहौल को देश के प्रमुख उद्योग समूहों के सामने प्रस्तुत करने का एक प्रभावी मंच साबित हुआ। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं का लाभ उठाने और राज्य की प्रगति में भागीदार बनने का आग्रह किया।


