कटनी✍️सौरभ श्रीवास्तव) नगर निगम ने श्री गणेश प्रतिमा विसर्जन और पूजा की प्रक्रिया को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने के लिए एक अभिनव कदम उठाया है। नगर निगम द्वारा स्थापित चलित कृत्रिम कुंड का उद्देश्य प्रतिमाओं के विसर्जन को सुरक्षित और प्रदूषण रहित बनाना है।गणेश चतुर्थी के बाद प्रतिमा विसर्जन के समय जल स्रोतों में होने वाले प्रदूषण को देखते हुए, यह पहल विशेष महत्व रखती है। प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान सामान्यत: जल में मिल जाने वाली रंगीन पानी, प्लास्टिक और अन्य प्रदूषण तत्वों से न केवल जल जीवन को नुकसान पहुँचता है, बल्कि समग्र पर्यावरण भी प्रभावित होता है।चलिए, आपको इस कुंड के संचालन की जानकारी देते हैं। यह चलित कृत्रिम कुंड सड़कों पर स्थापित किया जाएगा, जहाँ भक्त अपनी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कर सकेंगे। निगम ने इसे एक अस्थायी व्यवस्था के रूप में शुरू किया है, जिससे हर क्षेत्र के लोग इस सुविधा का लाभ ले सकें।नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था से पर्यावरण को बचाने में मदद मिलेगी, और साथ ही श्रद्धालुओं को अपनी पूजा की प्रक्रिया भी बिना किसी बाधा के पूरी करने का अवसर मिलेगा।नगर निगम के अधिकारी ने बताया, “हमने यह कदम पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए उठाया है। श्रद्धालुओं को यह सुविधा मिलने से वे अपनी पारंपरिक रस्मों को सुरक्षित तरीके से अदा कर सकेंगे।”क्या कह रहे हैं श्रद्धालु?गणेश प्रतिमा विसर्जन करने आए श्रद्धालु इस पहल को सकारात्मक रूप से देख रहे हैं। एक स्थानीय भक्त ने कहा, “यह पहल बहुत अच्छी है, इससे हम पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाते। अब हम पूरी श्रद्धा और धूमधाम से विसर्जन कर सकेंगे।”निष्कर्ष:कटनी नगर निगम की यह पहल एक साहसिक कदम है जो पर्यावरण के प्रति समाज की जिम्मेदारी को बढ़ाती है। इस तरह की पहलों से ही हम अपने शहर को साफ और प्रदूषण रहित बनाए रख सकते
पर्यावरण सुरक्षा के मद्देनजर, गणेश प्रतिमा विसर्जन हेतु नगर निगम ने शुरू की चलित कृत्रिम कुंड व्यवस्था
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