*कटनी*/✍️सौरभ श्रीवास्तव – कटनी जिले के ग्राम निटर्रा निवासी नीलेश गर्ग की मौत को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। शुरुआत में यह खबर फैली थी कि उनकी शहादत नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में हुई है, लेकिन अब छत्तीसगढ़ के सुकमा प्रशासन ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।जानकारी के अनुसार, सीआरपीएफ की 219 बटालियन, इंजरम में पदस्थ नीलेश गर्ग ने बीती रात 10:30 बजे अपनी ही सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसकी जांच अधिकारी कर रहे हैं।जैसे ही नीलेश की मौत की खबर उनके गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और गांव में सन्नाटा छा गया। वहीं, शहादत की कहानी गढ़े जाने को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।जनसंपर्क अधिकारी, सुकमा ने स्पष्ट किया है कि “इस क्षेत्र में किसी भी नक्सली मुठभेड़ की घटना नहीं हुई। नीलेश गर्ग ने आत्महत्या की है। आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।” अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नीलेश की मौत को मुठभेड़ बताकर शहादत की कहानी बनाई गई थी, या फिर सच्चाई आत्महत्या ही है?
कटनी के जवान नीलेश गर्ग की मौत पर उठे सवाल – शहादत या आत्महत्या
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