कटनी, ✍️खबर डिजिटल/(सौरभ श्रीवास्तव) कटनी की धरती से लगभग एक साल में सोना निकालने की शुरूआत हो जाएगी। विभागीय सूत्रों के हवाले से प्राप्त खबर के अनुसार सिंगरौली जिले के चकरिया गोल्ड माइनिंग ब्लाक की लीज का एग्रीमेंट हो गया है। इसके साथ कटनी जिले के इमलिया ब्लॉक की माइनिंग लीज का अनुबंध एक महीने के अंदर होने वाला है। लीजधारक कंपनियां सोना निकालने के लिए यहां एक साल के अंदर अपना पूरा सिस्टम इंस्टॉल कर लेंगी और सोना निकालना शुरू कर देंगी।चकलिया ब्लॉक 23.57 हेक्टेयर 1,76,600 ग्राम स्वर्ण भंडार चकलिया गोल्ड ब्लॉक 23.57 हेक्टेयर का है और इसमें लगभग 1 लाख 33 हजार 785 टन स्वर्ण अयस्क भंडार होने का अनुमान है। इससे 1 लाख 76 हजार 600 ग्राम सोना मिलने की संभावना है।इमलिया ब्लॉक 6.51 हेक्टेयर 25000 ग्राम सोना मिलने की संभावना इमलिया ब्लॉक 6.51 हेक्टेयर का है और यहां से भी लगभग 25 हजार ग्राम सोना मिलने की संभावना है। इनके लिए सभी अनुमतियां हो चुकी है, इससे लीजधारक मशीनरी लगाकर तुरंत सोना निकालने की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे। इससे कटनी जिले में स्थानीय स्तर पर बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।चार अन्य खदानों की भी हो चुकी नीलामीजानकारी के अनुसार प्रदेश में अभी तक कुल पांच गोल्ड ब्लॉक में सोना मिलने की पुष्टि हुई है। इनमें से चार ब्लॉक सिंगरौली और एक कटनी जिले में है। चकरिया के अतिरिक्त अन्य चार ब्लॉक की भी नीलामी हो चुकी है। गुरहर पहाड ब्लॉक सघन वन क्षेत्र मैं है, इसलिए इसके लिए वन विभाग की एनओसी सहित अन्य अनुमतियां ली जा रही हैं। इसके साथ ईस्टर्न एक्सटेंसन ऑफ सोनकुरवा और अम्लीयवाह ब्लॉक प्रोस्पेक्टिंग के लिए देने की तैयारी की जा रही है। अभी प्रारंभिक जांच में यहां पर सोना अयस्क पाया गया था। अब यहां ड्रिलिंग कर और जांच की जाएगी। इसके बाद इन खदानों के माइनिंग लीज एग्रीमेंट किए जाएंगे। जबकि कटनी की इमलिया खदान का माइनिंग एग्रीमेंट एक माह में होने वाला है।ई-नीलामी के बाद अब खनन की तैयारीचकरिया गोल्ड ब्लॉक को ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से नीलाम किया गया। यह ब्लॉक गरिमा नेचुरल रिसोर्सेज प्रा. लि. को नीलामी के माध्यम से मिला है। खनिज विभाग ने तत्काल आगे का काम शुरू करने के लिए कहा है। उपसंचालक खनिज रत्नेश दीक्षित की माने तो एक माह के अंदर कटनी के इमलिया के गोल्ड ब्लॉक की माइनिंग लीज का अनुबंध हो जाएगा। इसके बाद दोनों खदानों से सोना निकालने की शुरूआत हो जाएगी। अभी अन्य प्रदेश कर्नाटक में ही माइनिंग हो रही थी, लेकिन अब मप्र में भी होगी। मिनरल प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है पिछले दिनों कटनी में हुई माइनिंग कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा था प्रदेश आत्मनिर्भर औऱ विकसित हो रहा हैं मध्यप्रदेश ने खनन क्षेत्र में नया इतिहास रचा है। मध्यप्रदेश मिनरल प्रदेश ऑफ इंडिया बनने की दिशा में अग्रसर है। प्रदेश में पहली बार जबलपुर , कटनी, सिंगरौली स्थित चकरिया गोल्ड ब्लॉक के स्वर्ण खनन पट्टे का निष्पादन किया गया है, जिसने मध्यप्रदेश को सीधे वैश्विक स्वर्ण खनन मानचित्र पर प्रतिष्ठित कर दिया है। चकरिया गोल्ड खनन पट्टे के संचालन से बहुआयामी लाभ होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।कटनी, जबलपुर में भी सोने के भंडार होने के आसारजबलपुर, कटनी जिले की सिहोरा तहसील के महगवां केवलारी क्षेत्र में लौह और मैगनीज अयस्क के साथ सोने के कण मिले। यहां पर भी एक्सप्लोरेशन शुरू हुआ है। भूवैज्ञानिकों ने अभी इसकी प्रारंभिक पुष्टि की है। अब यहां एक्सप्लोरेशन करने की तैयारी चल रही है। इससे यहां ड्रिलिंग कर सोने का पता लगाया जाएगा।इनका कहना हैइमलिया गोल्ड खदान के लिए पर्यावरण की स्वीकृति मिल चुकी है अभी एम .डी .पी .ए. मिनरल उत्पादन करार की कार्यवाही की जा रही है।जिले के लिए ये अच्छी खबर है कटनी में हुई माइनिंग कॉन्क्लेव का असर एक माह के अंदर ही दिखने लगा है बहुत जल्द मुंबई की प्रीमियम रिसोर्स कंपनी द्वारा जल्द एग्रीमेंट के बाद कार्य की शुरुआत करेगी। रत्नेश दीक्षितउपसंचालक खनिज कटनी
कटनी के इमलिया में अगले माह होगा अनुबंधएक साल में प्रदेश की दो बड़ी खदानें उगलने लगेंगी सोनाकंपनियां सेटअप जमाकर शुरू करेंगी सोने का निष्कर्षण
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