सुनील बंशीवाल/ खबर डिजिटल/ मध्य प्रदेश में निगम और मंडल में नियुक्तियों (MP Nigam Mandal Niyukti) का नेताओं को काफी दिनों से इंतजार है। भारतीय जनता पार्टी में इसको लेकर काफी मंथन जारी है। कहा जा रहा है कि अब इसके लिए बीजेपी ने एक खास रणनीति (BJP New Strategy) पर आगे बढ़ने की योजना बनाई है। सूत्रों के मुताबिक, निगम मंडल के लिए पार्टी अपने कई वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मंत्रियों पर भरोसा जताने जा रही है। इस सूची में पूर्व मंत्रियों को तो तवज्जो मिलेगी ही साथ ही साथ पांच पूर्व विधायकों का भी इस सूची के जरिए प्रमोशन हो सकता है। सभी नियुक्तियों में क्षेत्रीय संतुलन का विशेष तौर पर ध्यान रखा जाएगा।
निगम मंडल की सूची के नाम लगभग फाइनल
Madhya Pradesh BJP जिला स्तर की कार्यकारिणी की लगातार घोषणा कर रही है। अब महज कुछ जिले बचे हैं, जिसमें जिला कार्यकारणी का गठन होना है। ऐसे में अब एमपी बीजेपी की प्रदेश कार्यकारिणी की लिस्ट भी लगभग फाइनल हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार इसमें निगम मंडल में लिए जाने वाले नेताओं को अलग रखा गया है। Hemant Khandelwal की कार्यकारिणी में संगठन क्षमता वाले नेताओं को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम किया जाने वाला है। वही निगम मंडल में प्रमोशन की आस लिए बैठे नेताओं को जगह मिलने वाली है। साथ ही साथ जिला स्तर पर प्राधिकरण और नगरीय निकायों के एल्डरमैन पदों को भी जल्द भर दिया जाएगा।
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पूर्व मंत्रियों को निगम-मंडल में मिलेगी जगह!
निगम-मंडल अध्यक्ष पदों के लिए जिन पूर्व मंत्रियों के नाम लगभग तय माने जा रहे है उनमें रामनिवास रावत, महेंद्र सिंह सिसोदिया, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, उमाशंकर गुप्ता, अरविंद भदौरिया, कमल पटेल और अंचल सोनकर के नाम प्रमुख हैं। पार्टी का मानना है कि इन नेताओं के अनुभव और प्रशासनिक पकड़ का फायदा आने वाले वक्त की चुनौतियों से निपटने में रामबाण साबित होगा।
कई पूर्व विधायकों का होगा प्रमोशन!
भाजपा इस बार पूर्व विधायकों को भी निगम-मंडल में लाकर प्रमोट कर सकती है, की जिम्मेदारियों में शामिल करने का मन बनाया है। लिस्ट में पांच पूर्व विधायकों के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं। इनमें मंदसौर से पूर्व विधायक यशपाल सिसौदिया, भोपाल मध्य से पूर्व विधायक ध्रुव नारायण सिंह, सेमरिया से पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी, टीकमगढ़ से पूर्व विधायक राकेश गिरी और खाचरोद से पूर्व विधायक दिलीप शेखावत के नाम सामने आ रहे हैं। माना जा रहा है कि इन पूर्व विधायकों को मौका देने से पार्टी और मजबूत होगी।
संगठन-सरकार के बीच तालमेल
निगम-मंडल की नियुक्तियों में सत्ता और संगठन की झलक भी साफ दिखेगी। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच मंथन हो चुका है। जिसके बाद सिर्फ अनुभवी नेताओं बल्कि सक्रिय पूर्व विधायकों को भी शामिल किया जाएगा। इससे सरकार और संगठन दोनों को फायदा होगा और आने वाले चुनावों की तैयारियों में मजबूती मिलेगी।


