उज्जैन/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल
उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों को एक और सुविधा मिलने वाली है। अब महाकाल के भक्तों को कैशलेस सुविधा मिलेगी। जिसकी व्यवस्था मंदिर प्रबंधन ने कर दी है। ताकि लोगों को कैश रखने की जरुरत से निजात मिल सके।
भक्तों को असुविधा से बचाने की पहल
महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नई पहल की गई है। भक्तों को दान देने और लड्डू प्रसाद पाने के लिए क्यूआर कोड जारी किया गया है। जिसका उपयोग भक्तों कर सकेंगे। यह सुविधा श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने शुरु की है।
प्रमुख स्थानों पर लगाए गए क्यूआर कोड
मंदिर प्रबंधन के अनुसार क्यूआर कोड स्कैन करके दान राशि और लड्डू प्रसाद का भुगतान आसानी से किया जा सकेगा। जिसे मंदिर के आसपास प्रमुख स्थानों पर लगाया गया है। भक्त यूपीआई आधारित पेमेंट एप से भुगतान कर सकते हैं।
नगद लेनदेन से मिलेगी मुक्ति
श्रद्धालुओं को नगद राशि साथ लेकर चलने के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। भीड़ भरे इलाकों में जेबकतरों का खतरा भी रहता है। लेकिन अब क्यूआर कोड की सुविधा शुरु होने के बाद भक्तों को परेशानी से निजात मिलेगी।
काउंटरों पर कतार से मिलेगी मुक्ति
बाबा महाकाल मंदिर परिसर में भक्तों को कैश देकर प्रसाद खरीदना पड़ता था। जिसके कारण लेनदेन में लंबी-लंबी कतारे लग जाती थी। लोगों को भी काफी वक्त प्रसाद लेने में लगता था। लेकिन अब क्यूआर कोड का उपयोग करने से भक्तों को परेशानी नहीं होगी, वो आसानी से राशि देकर प्रसाद ले सकेंगे। कई बार भक्तों के बार कैश नहीं होने की स्थिति में अन्य लोगों का सहारा लेना पड़ता था या फिर बिना प्रसाद लिए ही घर लौटना पड़ता था। इस असुविधा से भी भक्तों को मुक्ति मिलेगी।
8 अक्टूबर आरतियों के वक्त में भी बदलाव
बाबा महाकाल की दिनचर्या में 8 अक्टूबर से बदलाव होने जा रहा है। ठंड के मौसम को देखते हुए अब भगवान महाकाल को गर्म जल से स्नान कराया जाएगा और 30 मिनट देरी से भोजन का प्रबंध किया जाएगा। तीनों आरतियों के समय में भी परिवर्तन किया जाएगा।
नया आरतियों का समय
समय परिवर्तित होने वाली आरतियों में प्रात होने वाली दद्योदक आरती सुबह 7:30 से 8:15 बजे तक की जाएगी। भोग आरती का समय सुबह 10:30 से 11:15 बजे तक किया गया है, जबकि संध्या आरती शाम 6:30 से 7:15 बजे तक संपन्न की जाएगी। हालांकि, भस्मार्ती सुबह 4 से 6 बजे, सायंकालीन पूजन शाम 5 से 5:45 बजे और शयन आरती रात 10:30 से 11 बजे तक अपने पूर्व निर्धारित समय पर की जाएगी। इनमें कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
शरद पूर्णिमा पर लगेगा भोग
समय में बदलाव से पहले 6 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा परम्परानुसार नैवेद्य कक्ष में स्थापित भगवान को मेवा युक्त मीठे दूध (खीर) का भोग लगाया गया। संध्या आरती के बाद यह प्रसाद का वितरण जाता है। इसके बाद 8 अक्टूबर को कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा तक भगवान महाकाल की परंपरानुसार होने वाली तीन आरतियों के समय में परिवर्तन होगा।
