भारत के अग्रणी निजी क्षेत्र के ऋणदाता, एक्सिस बैंक ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) के लिए अपने मजबूत वित्तीय नतीजों की घोषणा की है, जिसमें बैंक का शुद्ध लाभ (PAT) तिमाही आधार पर 28% की छलांग लगाते हुए ₹6,490 करोड़ तक पहुँच गया है। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में भी सुधार देखा गया है, जो सालाना आधार पर 5% और तिमाही आधार पर 4% बढ़कर ₹14,287 करोड़ रही, जबकि नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 3.64% दर्ज किया गया। बैंक की इस वृद्धि को स्थिर ब्याज आय और ₹6,100 करोड़ की मजबूत फी आय (Fee Income) से समर्थन मिला है, जिसमें रिटेल फी का योगदान 71% के उच्च स्तर पर रहा।
जमा और अग्रिमों के मोर्चे पर बैंक ने दोहरे अंकों में वृद्धि दर्ज की है, जहाँ कुल जमाओं में सालाना आधार पर 15% और अग्रिमों (Advances) में 14% की बढ़ोतरी हुई है। औसत तिमाही बैलेंस (QAB) के आधार पर कुल जमाएं सालाना आधार पर 12% बढ़ी हैं, और बैंक का कासा (CASA) अनुपात 39% के स्तर पर बना हुआ है, जो बड़े निजी बैंकों के बीच सर्वश्रेष्ठ स्तरों में से एक है। परिसंपत्ति गुणवत्ता (Asset Quality) में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है; बैंक का ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) घटकर 1.40% और नेट एनपीए (Net NPA) सुधरकर 0.42% पर आ गया है, जो बैंक के मजबूत जोखिम प्रबंधन को दर्शाता है। साथ ही, बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) 16.55% के स्वस्थ स्तर पर बना हुआ है।
बैंक का वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार भी देश के सबसे बड़े पोर्टफोलियो में शामिल हो गया है, जिसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) सालाना आधार पर 8% बढ़कर ₹6,87,738 करोड़ तक पहुँच गया है। बैंक ने अपने भौतिक नेटवर्क का भी विस्तार किया है, जो अब 6,110 शाखाओं और एक्सटेंशन काउंटरों तक फैल चुका है। परिणामों पर टिप्पणी करते हुए, एक्सिस बैंक के एमडी और सीईओ अमिताभ चौधरी ने कहा कि बैंक का ध्यान क्रेडिट एक्सेस को सरल बनाने और डिजिटल बैंकिंग को नए सिरे से परिभाषित करने पर है। उन्होंने बताया कि ग्राहकों के बदलते व्यवहार के अनुरूप आधुनिक प्लेटफॉर्म और क्रांतिकारी समाधानों के माध्यम से बैंक अपनी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को और मजबूत करना जारी रखेगा।


