मुंबई : भारत के प्रमुख निजी क्षेत्र के ऋणदाता, एक्सिस बैंक ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) की तत्काल नकदी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक विशेष ‘गोल्ड लोन’ योजना की शुरुआत की है। यह एक सुरक्षित ओवरड्राफ्ट सुविधा है, जिसे विशेष रूप से व्यक्तिगत उद्यमियों और एकल स्वामित्व वाले व्यवसायों (Proprietorships) के लिए डिज़ाइन किया गया है। बैंक ने इस योजना को देश भर की अपनी 3300 से अधिक गोल्ड-लोन सक्षम शाखाओं में रोल-आउट किया है।
उद्योग में सबसे अधिक LTV और त्वरित सेवा इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता 82% तक का लोन-टू-वैल्यू (LTV) है, जो उद्योग के सामान्य मानकों से काफी अधिक है। इसके अलावा, बैंक ‘ओवर द काउंटर’ (OTC) प्रक्रिया के माध्यम से उसी दिन ऋण वितरण सुनिश्चित कर रहा है। पात्र व्यवसायी न्यूनतम दस्तावेजों (KYC, उद्यम पंजीकरण और ITR/GST) के साथ ₹50,000 से लेकर ₹1 करोड़ तक की राशि प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यशील पूंजी की चुनौती का समाधान एक्सिस बैंक के ग्रुप एग्जीक्यूटिव एवं भारत बैंकिंग हेड, बिपिन सराफ ने इस लॉन्च पर कहा कि एमएसएमई के लिए समय पर कार्यशील पूंजी (Working Capital) मिलना एक बड़ी चुनौती रही है। यह गोल्ड लोन सुविधा गति, लचीलापन और बैंक की मजबूत जोखिम प्रबंधन प्रणाली का एक अनूठा संगम है, जो छोटे व्यवसायों को बिना किसी बाधा के अपनी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम बनाएगी। इसमें उधारकर्ताओं को केवल मासिक ब्याज का भुगतान करना होगा, जिससे उनके नकदी प्रवाह (Cash Flow) पर दबाव नहीं पड़ेगा।


