गुरुग्राम: भारत की तेजी से उभरती अक्षय ऊर्जा कंपनियों में से एक, सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) से ₹13.50 करोड़ का एक महत्वपूर्ण अनुबंध हासिल किया है। यह ऑर्डर केंद्र सरकार की ‘PM-KUSUM-B’ और राज्य की ‘मागेल त्याला सौर कृषी पंप’ योजना के तहत दिया गया है। इसके अंतर्गत कंपनी महाराष्ट्र के विभिन्न कृषि क्षेत्रों में 3 HP, 5 HP और 7.5 HP क्षमता वाले कुल 815 ‘ऑफ-ग्रिड डीसी सोलर फोटोवोल्टिक वाटर पंपिंग सिस्टम’ (SPWPS) का डिजाइन, निर्माण, आपूर्ति और कमीशनिंग करेगी। यह परियोजना न केवल राज्य में कृषि सिंचाई को आधुनिक बनाएगी, बल्कि डीजल और ग्रिड बिजली पर किसानों की पारंपरिक निर्भरता को भी कम करेगी।
अनुबंध की शर्तों के अनुसार, सात्विक ग्रीन एनर्जी इन पंपों की स्थापना के साथ-साथ अगले पांच वर्षों के लिए पूर्ण सिस्टम वारंटी, मरम्मत और रखरखाव सेवाएँ भी प्रदान करेगी। साथ ही, इन प्रणालियों में एक रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा, जिससे किसानों के लिए तकनीकी प्रदर्शन और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके। ‘नोटिस टू प्रोसीड’ (NTP) जारी होने के मात्र 60 दिनों के भीतर इन सभी प्रणालियों की स्थापना और कमीशनिंग का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और किसानों की परिचालन लागत को कम कर उनकी आजीविका में सुधार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस उपलब्धि पर सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के सीईओ, प्रशांत माथुर ने कहा कि सौर सिंचाई स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से किसानों की आजीविका पर सकारात्मक प्रभाव डालने का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने कहा कि MSEDCL का यह ऑर्डर बड़े पैमाने पर विश्वसनीय और स्वदेशी सौर समाधान प्रदान करने की सात्विक की क्षमता में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। माथुर ने जोर देकर कहा कि भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा समावेशी होनी चाहिए, जो केवल शहरों तक सीमित न रहकर ग्रामीण और कृषि पारिस्थितिकी तंत्र तक पहुंचे। सोलर मॉड्यूल्स से लेकर ईपीसी (EPC) समाधानों तक फैले अपने विस्तृत पोर्टफोलियो के साथ, सात्विक ग्रीन एनर्जी एक एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा भागीदार के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत कर रही है।


