भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ साल 2025 में कार्तिक अमावस्ता की तिथि को लेकर कन्यूजन बना हुआ, क्योंकि कार्तिक अमावस्या दो दिन होने के कारण लोगों में दिवाली के मुहूर्त को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। क्योंकि हिंदू धर्म में दिवाली का पर्व बेहद ही खास माना जाता है, क्योंकि इसी दिन भगवान श्रीराम अपना वनवास खत्म कर अयोध्या पधारे थे। उनके स्वागत में पूरी रामनगरी को दीपकों से रोशन किया गया था। इसी दिन यानी कार्तिक मास की अमावस्या को दिवाली का पर्व मनाया जाता है। जब सालों से चली आ रही परंपरा को निभाकर अंधेरे को दीपकों से रोशन किया जाता है। इसी दिन मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश और धन के देवता कुबेर की पूजा भी की जाती है। यह पर्व पांच दिनों तक मनाया जाता है। जिसकी शुरुआत धनतेरस से होती है और समापन भाई दूज पर होता है। वहीं अबकी बार दिवाली की तिथि को लेकर लोग परेशान है, जिसका हल लेकर हम आए हैं, तो जानिये कब करना होगी मां लक्ष्मी की पूजा।
कब है दिवाली ?
द्रिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास की अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर में 3 बजकर 45 मिनट पर आरंभ हो रही है, जो 21 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 55 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में दीपावली के मौके पर निशिता काल में पूजा की जाती है। इसलिए दिवाली 20 अक्टूबर 2025, सोमवार को मनाई जाएगी।
दिवाली 2025 लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त
मां लक्ष्मी की पूजा का मुहूर्त- 20 अक्टूबर को शाम 6 बजकर 56 मिनट से 8 बजकर 4 मिनट तक
पूजा की अवधि- 1 घंटा 8 मिनट
धनतेरस 2025 कब है?
कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि 18 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 18 मिनट पर आरंभ हो रही है, जो 19 अक्टूबर को शाम 1 बजकर 51 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। ऐसे में धनतेरस का पर्व 18 अक्टूबर 2025, शनिवार को मनाई जाएगी।
