Goving Singh Lahar: मध्य प्रदेश के भिंड जिले का लहार क्षेत्र इन दिनों दोहरी चुनौतियों से जूझ रहा है। एक ओर जहां बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि ने अन्नदाता की कमर तोड़ दी है, तो वहीं दूसरी ओर दिग्गज कांग्रेसी नेता डॉ. गोविंद सिंह की संपत्ति को लेकर पैदा हुआ अतिक्रमण विवाद अब अपने चरम पर पहुंच गया है। अदालती आदेश और सियासी आरोपों के बीच पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने खुद ही विवादित निर्माण को ढहाकर सबको चौंका दिया है।
सियासी वार और हाईकोर्ट का हंटर
किसानों के दर्द के बीच लहार की राजनीति उस समय गरमा गई जब बीजेपी विधायक अम्बरीष शर्मा ने डॉ. गोविंद सिंह पर सरकारी जमीन कब्जाने का सीधा आरोप लगाया। मामला लाल सिंह पैलेस की बाउंड्री वॉल से जुड़ा था। विधायक की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ग्वालियर हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश के बाद नगर पालिका लहार ने डॉ. सिंह को नोटिस थमाकर 7 दिन के अंदर कब्जा हटाने का अल्टीमेटम दिया था।
आधी रात को चली जेसीबी
नोटिस की समय सीमा खत्म होने से पहले ही शनिवार-रविवार की दरमियानी रात लहार में हलचल तेज हो गई। डॉ. गोविंद सिंह ने खुद जेसीबी मशीन बुलवाकर उस बाउंड्री को तुड़वा दिया जिसे सरकारी जमीन पर बताया जा रहा था। जमीन खाली करने के तुरंत बाद उन्होंने अपने वैध हिस्से में नई बाउंड्री का निर्माण भी शुरू करवा दिया है।
बदलते तेवर और ‘वीडियो वॉर’
इस पूरे घटनाक्रम के बीच डॉ. गोविंद सिंह के पुराने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें वे प्रशासन को चुनौती देते नजर आ रहे थे। हालांकि, ताजा मामले में उनके तेवर काफी नरम दिखे। मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि वे गुंडागर्दी वाली कार्रवाई के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें ठीक से स्पष्ट नहीं था कि वह हिस्सा वास्तव में अतिक्रमण में था या नहीं।


